International : बलूच विद्रोहियों का PAK के सुराब शहर पर कब्जा

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सुराब शहर
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पुलिसवालों को खदेड़ा, जानें क्वेटा से कराची कनेक्शन

बलूच विद्रोहियों ने सुराब शहर पर कब्जा कर लिया है, जिससे पाकिस्तान की सरकार की पकड़ कमजोर हो गई है. सुराब, क्वेटा और कराची को जोड़ने वाले नेशनल हाइवे N-65 पर स्थित है।

पाकिस्तान के बलूचिस्तान में हालात अब काबू से बाहर जाते दिख रहे हैं. हथ‍ियारों से लैस बलूच विद्रोहियों ने शुक्रवार को सुराब शहर पर कब्जे का दावा किया. स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, भारी हथियारों से लैस बलूच लड़ाकों ने सुराब के लेवीज पुलिस स्टेशन, एक बैंक और कई सरकारी इमारतों को अपने नियंत्रण में ले लिया है. चौंकाने वाली बात ये है कि पुलिस और सुरक्षा बलों को वहां से खदेड़ दिया गया है. न गोली चली, न प्रतिरोध दिखा, पाकिस्तान की सरकार बस देखती रह गई।

बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने कहा क‍ि उसके लड़ाकों ने सुराब शहर पर पूरी तरह से नियंत्रण कर लिया है और स्थानीय बैंक, लेवीज स्टेशन और पुलिस स्टेशन जैसे प्रमुख ठिकानों पर कब्जा कर लिया है. बताया जा रहा है कि क्वेटा-कराची और सुराब-गिदर हाईवे पर गश्त और तात्कालिक तलाशी अभियान चल रहे हैं. BLA के प्रवक्ता जियंद बलोच ने कहा, इस पर जल्‍द पूरी जानकारी शेयर की जाएगी।

क्‍यों अहम है ये शहर

सुराब, क्वेटा और कराची को जोड़ने वाले अहम नेशनल हाइवे N-65 पर स्थित है. यह इलाका न केवल रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है, बल्कि बलूचिस्तान में सरकार की रसद और प्रशासनिक सप्लाई लाइन का अहम हिस्सा है. अब जब विद्रोहियों ने सुराब का नियंत्रण अपने हाथ में लिया है, इसका मतलब है कि कराची और क्वेटा के बीच सरकार की पकड़ में सेंध लग चुकी है। सीधे शब्दों में कहें तो पाकिस्तान अब अपने ही मुल्क में अपने लोगों से हार रहा है।

डर के साए में इस्लामाबाद

पाकिस्तानी सेना और सुरक्षा एजेंसियां जहां ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत को चेतावनी देने में व्यस्त थीं, वहीं बलूच लड़ाके चुपचाप पाकिस्तान के अंदर शहरों पर कब्जा कर रहे हैं. सुराब पर कब्जा महज एक प्रतीकात्मक कार्रवाई नहीं, बल्कि इस्लामाबाद के लिए सीधा चैलेंज है कि ‘अब हम सिर्फ पहाड़ों में नहीं, तुम्हारे शहरों में भी हैं।

बलूचों का ये नया चेहरा
बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने ऑपरेशन “हेरोफ” के तहत हाल ही में 71 हमलों का दावा किया है. अब सुराब पर कब्जा उनकी नई रणनीति का हिस्सा दिख रहा है, सीधा कब्जा, खुली चेतावनी. यह वही पाकिस्तान है जो बलूच आंदोलन को सिर्फ “छोटे आतंकी समूह” कहता था, लेकिन अब जब वो शहरों में झंडा फहरा रहे हैं, तो क्या पाकिस्तान अब भी इनकार करेगा? सुराब के बाद कौन? मस्तुंग, मंगोचर, झोब या फिर ग्वादर? बलूच विद्रोह अब जमीनी हकीकत बन चुका है. ऐसा लग रहा क‍ि पाकिस्तान अपने ही नक्शे पर अपनी हुकूमत गंवा चुका है।

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Surekha Bhosle

लेखक परिचय

Surekha Bhosle

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