हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य पर नई रणनीति
Hormuz strait britain : अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नाकेबंदी योजना के बीच ब्रिटेन और फ्रांस ने अलग रणनीति पेश की है। दोनों देशों ने समुद्री मार्ग की स्वतंत्रता बनाए रखने के लिए एक “शांति मिशन” शुरू करने की घोषणा की है।
ट्रंप की योजना से अलग यूरोप का रुख
ईरान के खिलाफ ट्रंप की आक्रामक नीति को यूरोपीय देश पूरी तरह समर्थन नहीं दे रहे हैं। ब्रिटेन और फ्रांस ने स्पष्ट कर दिया है कि वे अमेरिकी नाकेबंदी अभियान का हिस्सा नहीं बनेंगे।
40 देशों को आमंत्रण
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों इस मुद्दे पर एक अंतरराष्ट्रीय बैठक आयोजित करने की योजना बना रहे हैं। इस बैठक में हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में समुद्री सुरक्षा के लिए शांति मिशन पर चर्चा होगी। इसके लिए लगभग 40 देशों को आमंत्रित किया गया है।
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नाटो में मतभेद
ईरान मुद्दे पर नाटो देशों के बीच मतभेद सामने आ रहे हैं। इससे (Hormuz strait britain) पहले भी ब्रिटेन ने ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का समर्थन करने से इनकार किया था। इस पर ट्रंप ने नाटो की आलोचना करते हुए कहा कि अमेरिका के बिना नाटो का अस्तित्व मुश्किल है।
वैश्विक राजनीति पर असर
विश्लेषकों का मानना है कि यूरोपीय देशों का अमेरिका से अलग रुख वैश्विक राजनीतिक समीकरणों को बदल सकता है। ब्रिटेन और फ्रांस का मानना है कि हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य संकट का समाधान युद्ध नहीं बल्कि कूटनीतिक बातचीत से होना चाहिए।
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