रेयर अर्थ पर 200% शुल्क की धमकी
वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन(China) को कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि वॉशिंगटन के पास ऐसे विकल्प हैं जिनसे बीजिंग(Beijing) की अर्थव्यवस्था तबाह की जा सकती है। ट्रंप ने संकेत दिया कि अगर अमेरिका चाहे तो चीन पर 200% तक टैरिफ लगाकर उसे झटका दे सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका चीन के साथ रिश्ते बनाए रखेगा लेकिन जरुरत पड़ने पर कड़ा कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा।
ट्रंप का चीन को खुला चैलेंज
ओवल ऑफिस में मीडिया से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि चीन(China) के पास कुछ मजबूत पत्ते हैं, लेकिन अमेरिका के पास अविश्वसनीय कार्ड मौजूद हैं। उनके मुताबिक, यदि इनका इस्तेमाल किया गया तो चीन की अर्थव्यवस्था बर्बाद हो जाएगी। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि वे ऐसा नहीं करना चाहते क्योंकि दोनों देशों के बीच सहयोगात्मक संबंध बनाए रखना जरूरी है।
ट्रंप ने बताया कि हाल ही में उन्होंने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग(Xi Jinping) से बातचीत की है। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि बीजिंग का दौरा करने पर विचार किया जा रहा है। शी ने उन्हें आमंत्रण भी भेजा है और संभावना है कि इस साल के अंत तक ट्रंप चीन की यात्रा कर सकते हैं।
व्यापार युद्ध और बढ़ते शुल्क
अमेरिका और चीन ने 12 अगस्त को आपसी सहमति से व्यापार युद्धविराम को 90 दिनों तक बढ़ाया था। इसका उद्देश्य वार्ताकारों को बातचीत का समय देना था। लेकिन पिछले एक साल से दोनों देशों के बीच शुल्क को लेकर टकराव लगातार बढ़ता गया। अप्रैल में अमेरिकी टैरिफ 145% तक पहुंच गया था और वर्तमान में अधिकांश चीनी आयात पर 30% शुल्क लगाया जा रहा है।
ट्रंप ने चीन(China) की रेयर अर्थ पॉलिसी को लेकर भी सीधी धमकी दी है। उन्होंने कहा कि यदि बीजिंग अमेरिका को चुंबक की आपूर्ति जारी नहीं रखता, तो उन पर 200% तक टैरिफ लगाया जा सकता है। चीन ने पहले ही अमेरिकी दबाव का जवाब देते हुए रेयर अर्थ एलिमेंट्स पर निर्यात प्रतिबंध और कड़े कर दिए हैं।
अमेरिका का रणनीतिक दबाव

अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने हाल में चीन के तेल व्यापार पर सवाल उठाए। स्वीडन में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने बीजिंग के ईरान और रूस से तेल खरीदने को एक बड़ा मुद्दा बताया। अमेरिका का कहना है कि चीन को निर्यात पर निर्भरता कम कर खुद को एक संतुलित आयातक के रूप में प्रस्तुत करना चाहिए।
साथ ही वॉशिंगटन ने साफ किया है कि वह चीन की स्थिति को दुनिया के सबसे बड़े विनिर्माण केंद्र के रूप में कमजोर करना चाहता है। ट्रंप प्रशासन का मानना है कि यही रास्ता वैश्विक व्यापार संतुलन को सुधार सकता है और अमेरिकी उद्योगों को मजबूती प्रदान करेगा।
ट्रंप ने चीन को किस तरह चेतावनी दी
ट्रंप ने कहा कि यदि उन्होंने अपने विकल्पों का इस्तेमाल किया तो चीन की अर्थव्यवस्था बर्बाद हो जाएगी। उन्होंने 200% टैरिफ लगाने तक की धमकी दी।
अमेरिका-चीन व्यापार युद्ध की वर्तमान स्थिति क्या है
दोनों देशों ने हाल ही में 90 दिनों का युद्धविराम बढ़ाया है, लेकिन शुल्क को लेकर तनाव बना हुआ है। अप्रैल में टैरिफ 145% तक बढ़ चुका है और अभी भी 30% आयातित वस्तुएं शुल्क के दायरे में हैं।
अमेरिका चीन पर किस मुद्दे पर दबाव डाल रहा है
अमेरिका चीन से तेल व्यापार घटाने, निर्यात पर निर्भरता कम करने और आयात को बढ़ावा देने की मांग कर रहा है। उसका मकसद चीन की वैश्विक विनिर्माण शक्ति को सीमित करना है।
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