हैदराबाद। तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष एन. रामचंद्र राव (N. Ramachandra Rao) ने विपक्ष पर तीखा हमला करते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और कांग्रेस पार्टी पर लोकतांत्रिक मूल्यों व संविधान को कमजोर करने का आरोप लगाया। सिकंदराबाद के लालापेट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 10 मई को प्रस्तावित जनसभा से पहले आयोजित वॉल-राइटिंग अभियान में भाग लेते हुए राव ने कहा कि देशभर में राजनीतिक माहौल भाजपा (BJP) के पक्ष में बदल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी का “चुनावी हार” के बावजूद पद नहीं छोड़ना संवैधानिक मूल्यों का अपमान है।
भाजपा अध्यक्ष ने ममता और कांग्रेस पर साधा निशाना
अनुच्छेद 172 का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि जनादेश के बाद भी पद पर बने रहना संविधान की भावना के खिलाफ है। राव ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि संविधान की प्रति साथ रखने के बावजूद उन्हें इसके प्रावधानों की समझ नहीं है। उन्होंने कांग्रेस और ममता बनर्जी के गठबंधन को “शर्मनाक” बताया और आरोप लगाया कि पार्टी “वोट चोरी” से “सीट चोरी” की बात कर रही है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे परेड ग्राउंड में होने वाली प्रधानमंत्री की रैली में बड़ी संख्या में शामिल हों। राव ने कहा कि यह रैली तेलंगाना में बड़े राजनीतिक बदलाव की शुरुआत साबित होगी।
तेलंगाना में हिंदुओं की आबादी कितनी है?
जनगणना 2011 के आंकड़ों के अनुसार तेलंगाना में हिंदुओं की आबादी लगभग 85% के आसपास मानी जाती है। इसके बाद मुस्लिम समुदाय लगभग 12–13% के आसपास है, जबकि बाकी प्रतिशत में ईसाई और अन्य धर्म शामिल हैं। यह अनुपात समय के साथ थोड़ा बदल सकता है, लेकिन हिंदू धर्म राज्य में सबसे बड़ा धार्मिक समुदाय है। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में इसकी उपस्थिति व्यापक रूप से देखी जाती है।
तेलंगाना राज्य का मुख्य भोजन क्या है?
भोजन परंपरा के अनुसार तेलंगाना में चावल मुख्य आहार माना जाता है। यहां की थाली में ज्वार की रोटी (जोंना रोट्टे), सब्जियां, दाल और मसालेदार करी प्रमुख रूप से शामिल रहती हैं। हैदराबादी बिरयानी, हलीम और विभिन्न मांसाहारी व्यंजन भी काफी लोकप्रिय हैं। इसके अलावा इमली और मिर्च आधारित तीखे स्वाद वाले पकवान विशेष पहचान रखते हैं। यहां का भोजन स्थानीय संस्कृति और दक्कन शैली का मिश्रण माना जाता है।
तेलंगाना का दूसरा नाम क्या है?
ऐतिहासिक दृष्टि से इस क्षेत्र को दक्कन (Deccan Region) का हिस्सा माना जाता है, इसलिए इसे अक्सर दक्कन क्षेत्र से जोड़ा जाता है। आधिकारिक रूप से राज्य का कोई दूसरा नाम नहीं है, लेकिन पुराने समय में यह हैदराबाद राज्य और आंध्र प्रदेश के तेलंगाना क्षेत्र के रूप में जाना जाता था। 2014 में अलग राज्य बनने के बाद इसका नाम केवल तेलंगाना ही है और यही इसकी आधिकारिक पहचान है।
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