अफ्रीका का लंबा चक्कर लगाकर मिडिल ईस्ट पहुँच रहा ‘USS जॉर्ज एचडब्ल्यू बुश’
वाशिंगटन: दुनिया के सबसे शक्तिशाली युद्धपोतों(Houthi Attacks) में शुमार अमेरिकी सुपरकैरियर ‘USS जॉर्ज एचडब्ल्यू बुश’ ने अपने सामान्य मार्ग को छोड़कर अफ्रीका का लंबा चक्कर लगाने का फैसला किया है। आमतौर पर ये जहाज जिब्राल्टर, भूमध्य सागर और स्वेज नहर होते हुए लाल सागर से गुजरते हैं, लेकिन इस बार अमेरिकी नौसेना ने हूती विद्रोहियों के खतरे को देखते हुए इस मार्ग से परहेज किया है। यमन(Yemen) स्थित हूती विद्रोहियों द्वारा लाल सागर और बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट में ड्रोन और मिसाइल हमलों की धमकियों ने पेंटागन को यह रणनीतिक बदलाव करने पर मजबूर कर दिया है।
बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट: व्यापारिक लाइफलाइन बनाम खतरा
बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट वैश्विक व्यापार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, जहाँ से हर साल करीब 20,000 जहाज गुजरते हैं और दुनिया का 10% व्यापार होता है। तेल और गैस की आपूर्ति के लिए यह मार्ग जीवन रेखा के समान है। हालांकि, ईरान समर्थित हूतियों की गतिविधियों के कारण यह इलाका अब बेहद असुरक्षित हो गया है। 32 किलोमीटर चौड़ा यह जलमार्ग, जो पहले केवल प्राकृतिक भौगोलिक चुनौतियों (चट्टानों और तेज हवाओं) के लिए जाना जाता था, अब भू-राजनीतिक तनाव का केंद्र बन चुका है।
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युद्धपोत की तैनाती और सामरिक महत्व
‘USS जॉर्ज एचडब्ल्यू बुश’ (निमिट्ज क्लास न्यूक्लियर पावर्ड सुपरकैरियर) के साथ करीब 6,000 नाविकों का दल और तीन डेस्ट्रॉयर तैनात हैं। मार्च के अंत में नॉरफोक बेस से रवाना हुआ यह युद्धपोत वर्तमान में नामीबिया के तट के पास देखा गया है और मिडिल ईस्ट की ओर बढ़ रहा है। इस क्षेत्र में अमेरिकी शक्ति को और मजबूत करने के लिए यह ‘USS अब्राहम लिंकन’ के साथ जुड़ सकता है। साथ ही, अमेरिका का सबसे नया और विशाल सुपरकैरियर ‘USS जेराल्ड आर फोर्ड’ भी पूर्वी भूमध्य सागर में सक्रिय है, जिससे इस क्षेत्र में अमेरिकी नौसैनिक उपस्थिति काफी बढ़ गई है।
अमेरिकी नौसेना ने लाल सागर के बजाय अफ्रीका का रास्ता क्यों चुना?
लाल सागर और बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट का मार्ग यमन के हूती विद्रोहियों के हमलों के कारण अत्यधिक असुरक्षित हो गया है। हूती विद्रोही ड्रोन और मिसाइलों के जरिए वहां से गुजरने वाले अमेरिकी और व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाते रहे हैं। अपने सबसे ताकतवर युद्धपोत को किसी भी जोखिम से बचाने के लिए अमेरिका ने डेढ़ गुना लंबी दूरी तय करते हुए अफ्रीका का चक्कर लगाने का सुरक्षित विकल्प चुना है।
बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट का वैश्विक अर्थव्यवस्था में क्या महत्व है?
बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ता है। वैश्विक तेल और गैस की आपूर्ति के लिए यह मार्ग अनिवार्य है और दुनिया का लगभग 10% व्यापार इसी रास्ते से होता है। इसके असुरक्षित होने या बंद होने से वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) बुरी तरह प्रभावित हो सकती है और ईंधन की कीमतें बढ़ सकती हैं।
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