नेतृत्व खत्म होने के बाद भी जंग जारी रखने की रणनीति
तेल अवीव/तेहरान: ईरान(Iran) और अमेरिका-इजराइल के बीच जारी भीषण युद्ध(Fierce Battle) में सुप्रीम लीडर अली खामेनेई सहित कई शीर्ष कमांडरों की मौत के बावजूद ईरान का सैन्य तंत्र मजबूती से खड़ा है। इसके पीछे ईरान की दशकों पुरानी वह रणनीति है, जिसे उसने सद्दाम हुसैन और अफगानिस्तान के हश्र से सीखकर तैयार किया था।
डिसेंट्रलाइज्ड मोजेक डिफेंस: टुकड़ों में बंटी ताकत
ईरान ने अपनी सैन्य कमान को किसी एक केंद्र में रखने के बजाय ‘डिसेंट्रलाइज्ड मोजेक डिफेंस’ रणनीति के तहत 7 स्वतंत्र हिस्सों में बांट रखा है। ‘मोजेक’ का अर्थ है छोटे-छोटे टुकड़ों से बना ढांचा। इस नीति का फायदा यह है कि अगर दुश्मन राजधानी या मुख्य हेडक्वार्टर को नष्ट भी कर दे, तो भी स्थानीय यूनिट्स और प्रांतीय कमांडर अपने स्तर पर फैसले लेकर लड़ाई(Iran) जारी रख सकते हैं। यह ढांचा विशेष रूप से इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) द्वारा गोरिल्ला युद्ध और लंबी जंग खींचने के लिए विकसित किया गया है।
‘फोर्थ सक्सेसर’ मॉडल: नेतृत्व का कभी न खत्म होने वाला सिलसिला
ईरान की सबसे बड़ी ताकत उसका उत्तराधिकार मॉडल है। हर महत्वपूर्ण पद के लिए ईरान ने पहले से ही चार उत्तराधिकारी (फोर्थ सक्सेसर) तय कर रखे हैं। इसका अर्थ है कि यदि पहला व्यक्ति मारा जाता है, तो दूसरा, तीसरा और फिर चौथा व्यक्ति तुरंत कमान संभालने के लिए तैयार रहता है। सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत के बाद उनके बेटे मुजतबा खामेनेई का कमान संभालना इसी पूर्व-नियोजित व्यवस्था का हिस्सा है। यह सुनिश्चित करता है कि एक व्यक्ति या समूह की मौत से पूरा सिस्टम पैरालाइज (ठप) न हो।
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प्रोलॉन्ग्ड वॉर थ्योरी: दुश्मन को थकाने की रणनीति
ईरान(Iran) की रणनीति माओ त्से-तुंग की ‘प्रोलॉन्ग्ड वॉर’ (लंबे युद्ध) की अवधारणा पर आधारित है। ईरान जानता है कि वह सीधे पारंपरिक युद्ध में अमेरिका जैसी महाशक्ति को तुरंत नहीं हरा सकता, इसलिए उसका लक्ष्य जंग को जितना हो सके लंबा खींचना है। सस्ते ‘शाहेद ड्रोन’ और मिसाइलों के जरिए वह दुश्मन को महंगे रक्षात्मक कदम उठाने पर मजबूर करता है, जिससे दुश्मन पर आर्थिक और राजनीतिक दबाव बढ़ता है। ईरान का क्षेत्रीय प्रॉक्सी नेटवर्क (हिजबुल्लाह, हूती आदि) इस जंग को कई फ्रंट्स पर फैला देता है, जिससे दुश्मन एक जगह ध्यान केंद्रित नहीं कर पाता।
ईरान की ‘डिसेंट्रलाइज्ड मोजेक डिफेंस’ रणनीति क्या है?
यह एक ऐसी सैन्य रणनीति है जिसमें पूरी कमान एक जगह केंद्रित होने के बजाय कई छोटे और स्वतंत्र हिस्सों में बंटी होती है। इससे मुख्य नेतृत्व के खत्म होने पर भी स्थानीय सेनाएं अपने आप फैसले लेकर युद्ध जारी रख सकती हैं।
‘फोर्थ सक्सेसर’ अवधारणा का क्या उद्देश्य है?
इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी शीर्ष कमांडर या नेता की हत्या होने पर प्रशासनिक और सैन्य व्यवस्था न रुके। इसके तहत हर पद के लिए चार संभावित उत्तराधिकारी पहले से ही गुप्त रूप से तय होते हैं।
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