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Iran Mosquito : छोटे हमले से अमेरिका परेशान, ईरान की नई समुद्री रणनीति

Author Icon By Sai Kiran
Updated: May 9, 2026 • 8:10 PM
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Iran Mosquito : अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर दोनों देशों के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है। इसी बीच ईरान की “मच्छर बेड़ा” रणनीति दुनियाभर में चर्चा का विषय बन गई है। यह कोई असली मच्छरों का झुंड नहीं बल्कि ईरान की विशेष समुद्री सैन्य रणनीति है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड सेना द्वारा इस्तेमाल की जा रही सैकड़ों छोटी तेज नौकाओं को पश्चिमी रक्षा विशेषज्ञ “मच्छर बेड़ा” कहते हैं।

जिस तरह मच्छर झुंड बनाकर परेशान करते हैं, उसी तरह ये छोटी नौकाएं बड़े युद्धपोतों को चारों तरफ से घेरकर हमला करती हैं। इसी कारण इन्हें यह नाम दिया गया है। ईरान ने इस रणनीति को उन्नीस सौ अस्सी के दशक में विकसित करना शुरू किया था। उसका मानना था कि महंगे युद्धपोत बनाने से बेहतर छोटे और तेज हथियारों से दुश्मन को परेशान किया जाए।

माना जाता है कि ईरान के पास लगभग पंद्रह सौ तेज हमला करने वाली नौकाएं मौजूद हैं। इनका आकार छोटा होने के कारण आधुनिक रडार इन्हें आसानी से पकड़ नहीं पाते। होर्मुज जलडमरूमध्य काफी संकरा समुद्री रास्ता है। यहां बड़े युद्धपोतों को तेजी से मोड़ना मुश्किल होता है। ईरान इसी कमजोरी का फायदा उठाता है।

ईरान के आत्मघाती ड्रोन सबसे खतरनाक हथियारों में माने जाते हैं। ये विस्फोटकों से भरे होते हैं और सीधे दुश्मन के जहाज से टकराकर विस्फोट कर देते हैं। इसके अलावा ईरान निगरानी करने वाले ड्रोन और समुद्री बारूदी सुरंगों को खोजने वाले विशेष ड्रोन भी इस्तेमाल कर रहा है। ये अमेरिकी जहाजों की गतिविधियों पर नजर रखते हैं।

ईरान के पास सैकड़ों मिसाइल नौकाएं भी हैं। इनमें कम दूरी की निर्देशित मिसाइलें लगाई गई हैं जो पास से हमला करने में सक्षम हैं। इसके साथ ही “अजदार” नामक मानवरहित पानी के नीचे चलने वाला वाहन भी ईरान के पास मौजूद है। यह समुद्र के भीतर चलने के कारण आसानी से दिखाई नहीं देता।

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दुनिया की सबसे शक्तिशाली नौसेना होने के बावजूद अमेरिका के लिए ये छोटी नौकाएं और ड्रोन बड़ी चुनौती बन चुके हैं। (Iran Mosquito) इसी वजह से अमेरिका होर्मुज क्षेत्र में अपने बड़े युद्धपोतों को लेकर सतर्कता बरत रहा है। इन छोटे हमलों को रोकने के लिए अमेरिका और इजरायल को महंगी रक्षा मिसाइलों का इस्तेमाल करना पड़ रहा है, जिससे उनका सैन्य खर्च बढ़ रहा है।

सबसे बड़ी चुनौती यह है कि ये नौकाएं आम मछली पकड़ने वाली नावों जैसी दिखती हैं और अचानक हमला कर सकती हैं। इससे दुश्मन और सामान्य नावों में फर्क करना मुश्किल हो जाता है। ईरान की यह रणनीति दिखाती है कि केवल बड़े हथियार ही नहीं बल्कि सही युद्ध नीति भी जीत में अहम भूमिका निभाती है। यही कारण है कि ईरान का “मच्छर बेड़ा” अमेरिका के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गया है।

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