बढ़ती महंगाई और होर्मुज स्ट्रेट का खतरा
वाशिंगटन: दो सप्ताह के संघर्ष के बावजूद ईरान(Iran) में शासन परिवर्तन के ट्रम्प के राजनीतिक लक्ष्य अब तक पूरे नहीं हुए हैं। हालांकि ईरान की नौसेना और मिसाइल क्षमता को काफी नुकसान पहुँचा है, लेकिन वहां का पुराना शासन अभी भी बरकरार है। एक्सपर्ट्स(Experts) का मानना है कि ईरान के पास अब भी खेल पलटने की क्षमता है। साथ ही, अमेरिका(America) के भीतर भी इस युद्ध का विरोध शुरू हो गया है, क्योंकि पेट्रोल की कीमतें 25% तक बढ़ गई हैं और अमेरिकी सैनिकों की बढ़ती मौतों ने ट्रम्प प्रशासन पर दबाव बढ़ा दिया है।
परमाणु खतरे और यूरेनियम की चुनौती
युद्ध का एक और डरावना पहलू ईरान का परमाणु कार्यक्रम है। एक्सपर्ट्स को डर है कि युद्ध के दौरान कट्टरपंथी ताकतें और मजबूत हो सकती हैं, जिससे ईरान(Iran) परमाणु हथियार बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ सकता है। ईरान के पास अभी भी लगभग 440 किलोग्राम समृद्ध यूरेनियम मौजूद है, जिसे वह अपनी सुरक्षा के लिए रणनीतिक कवच के रूप में इस्तेमाल कर रहा है। यह अनिश्चितता बनी हुई है कि क्या ईरान इन भंडारों का उपयोग करके रेडियोएक्टिव बम बनाने में सफल हो पाएगा या नहीं।
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होर्मुज स्ट्रेट: वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए ‘चौक पॉइंट’
ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को बाधित करके वैश्विक तेल बाजार में भारी उथल-पुथल मचा दी है। यह 21 मील चौड़ा समुद्री रास्ता वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए जीवन रेखा है, जहाँ से सऊदी अरब और इराक जैसे देशों का तेल गुजरता है। युद्ध से पहले तक यहाँ का खतरा केवल एक रणनीतिक आशंका था, लेकिन अब यह एक तात्कालिक और विनाशकारी वास्तविकता बन गया है, जो अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए एक बड़ी चुनौती है।
होर्मुज स्ट्रेट का वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए क्या महत्व है?
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल गलियारा है। सऊदी अरब, इराक, कुवैत और यूएई जैसे देशों का अधिकांश तेल इसी रास्ते से दुनियाभर में भेजा जाता है। इसके बाधित होने से वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतें बढ़ जाती हैं।
युद्ध के बीच ईरान के पास मौजूद समृद्ध यूरेनियम को चिंता का विषय क्यों माना जा रहा है?
ईरान के पास 440 किलोग्राम समृद्ध यूरेनियम मौजूद है। विशेषज्ञों को डर है कि युद्ध के दबाव में ईरान इसका उपयोग परमाणु हथियार बनाने के लिए कर सकता है, जो पूरे क्षेत्र और वैश्विक सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा है।
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