Nepal- नेपाल चुनाव में बड़ा उलटफेर, बालेन शाह की पार्टी को भारी बढ़त

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बालेन शाह
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काठमांडू । नेपाल के संसदीय चुनाव के शुरुआती रुझानों ने देश की राजनीति में बड़े बदलाव के संकेत दे दिए हैं। मतगणना के शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक काठमांडू के पूर्व मेयर (Balen Shah) की पार्टी (Rastriya Swatantra Party) (आरएसपी) भारी बढ़त के साथ आगे चल रही है। ऐसे में बालेन शाह के नेपाल के अगले प्रधानमंत्री बनने की संभावना काफी मजबूत मानी जा रही है।

पारंपरिक दलों को जनता ने दिया झटका

5 मार्च को हुए मतदान के बाद सामने आए रुझानों से संकेत मिल रहा है कि नेपाल की जनता ने पारंपरिक राजनीतिक दलों और पुराने नेताओं से दूरी बनाई है। दशकों से सत्ता में प्रभाव रखने वाली पार्टियां इस चुनाव में पीछे दिखाई दे रही हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह चुनाव परिणाम देश की राजनीति में एक बड़े बदलाव की शुरुआत हो सकता है।

ओली अपने गढ़ में पीछे

इस चुनाव का सबसे बड़ा उलटफेर (Jhapa District) में देखने को मिल रहा है। यहां पूर्व प्रधानमंत्री K. P. Sharma Oli अपने ही गढ़ में बालेन शाह से पीछे चल रहे हैं। बताया जा रहा है कि जिस सीट पर ओली सात बार जीत दर्ज कर चुके थे, वहां इस बार वे हजारों वोटों के अंतर से पीछे हैं। उनकी पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री भी फिलहाल बढ़त बनाने में असफल दिख रहे हैं।

संसद की अधिकांश सीटों पर आरएसपी आगे

ताजा रुझानों के अनुसार 275 सदस्यीय संसद की 165 प्रत्यक्ष सीटों में से Rastriya Swatantra Party करीब 117 सीटों पर निर्णायक बढ़त बनाए हुए है। इसके विपरीत, लंबे समय से सत्ता में रही Nepali Congress और Communist Party of Nepal (Unified Marxist–Leninist) जैसी पार्टियां काफी पीछे दिखाई दे रही हैं। रुझानों में नेपाली कांग्रेस लगभग 15 और यूएमएल करीब 13 सीटों पर सिमटती नजर आ रही है।

प्रचंड की पार्टी का भी खराब प्रदर्शन

पूर्व प्रधानमंत्री Pushpa Kamal Dahal (प्रचंड) की पार्टी का प्रदर्शन भी उम्मीद से काफी कमजोर रहा है। हालांकि प्रचंड अपनी सीट बचाने में सफल रहे हैं, लेकिन उनकी पार्टी दहाई का आंकड़ा पार करने के लिए भी संघर्ष करती दिख रही है।

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युवाओं के वोट से आया बड़ा बदलाव

विश्लेषकों के अनुसार इस चुनावी बदलाव के पीछे युवाओं और जेन-जी मतदाताओं की बड़ी भूमिका रही है। भ्रष्टाचार, राजनीतिक अस्थिरता और पुराने नेताओं की आपसी खींचतान से नाराज मतदाताओं ने बालेन शाह की नई राजनीति के वादे पर भरोसा जताया है। बताया जा रहा है कि इस बार नेपाल के करीब 1 करोड़ 89 लाख मतदाताओं ने मतदान किया, जिनमें बड़ी संख्या युवा मतदाताओं की रही।

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Anuj Kumar

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