मध्य एशिया पर United Kingdom की नजर
Britain Central : ब्रिटेन ने मध्य एशिया के देशों पर फिर से ध्यान केंद्रित किया है। पहले Russia के प्रभाव में रहे इन देशों पर अब ब्रिटेन अपनी पकड़ मजबूत करना चाहता है।
‘ग्रेट गेम’ की वापसी
19वीं सदी के Great Game जैसी प्रतिस्पर्धा एक बार फिर देखने को मिल रही है, जहां China भी बड़ा खिलाड़ी बन चुका है।
ब्रेक्जिट के बाद नई रणनीति
Brexit के बाद ब्रिटेन को नए बाजारों की जरूरत पड़ी। इसी कारण वह मध्य एशियाई देशों के साथ व्यापारिक संबंध बढ़ा रहा है।
खनिज संसाधनों की दौड़
लिथियम और यूरेनियम जैसे महत्वपूर्ण खनिजों के लिए यह क्षेत्र बेहद अहम है। इन संसाधनों पर अभी China का दबदबा है, जिसे चुनौती देने की कोशिश ब्रिटेन कर रहा है।
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सॉफ्ट पावर का इस्तेमाल
ब्रिटेन शिक्षा और संस्कृति के जरिए इन देशों में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहता है। इससे भविष्य में व्यापारिक (Britain Central) समझौतों को आसान बनाने की योजना है।
चुनौतियां भी कम नहीं
हालांकि, मानवाधिकार मुद्दे और राजनीतिक अस्थिरता ब्रिटेन के लिए चुनौती हैं। साथ ही रूस और चीन की बड़ी निवेश योजनाएं भी ब्रिटेन के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा पैदा कर रही हैं।
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