Crude oil prices : मध्य पूर्व में जारी तनाव भारत की अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर डाल सकता है। आईएमएफ की पूर्व मुख्य अर्थशास्त्री गीता गोपीनाथ ने चेतावनी दी है कि अगर हालात और बिगड़े तो भारत को गंभीर आर्थिक झटके का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि इसका असर तेल की कीमतों, महंगाई और सप्लाई सिस्टम पर साफ दिखाई दे सकता है।
तेल की कीमतों पर बड़ा खतरा
गीता गोपीनाथ के मुताबिक अगर मध्य पूर्व में तनाव लंबे समय तक जारी रहा तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 140 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती है। इससे भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ सकती हैं। साथ ही परिवहन और उद्योगों की लागत बढ़ने से महंगाई का दबाव भी तेजी से बढ़ सकता है।
होर्मुज जलडमरूमध्य की चिंत
उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास बढ़ता सैन्य तनाव सबसे बड़ी चिंता का कारण है। इस रास्ते में रुकावट आने पर भारत में तेल, एलपीजी, एलएनजी और उर्वरकों की सप्लाई प्रभावित हो सकती है। हालात सामान्य होने में कई महीने लग सकते हैं, जिससे वैश्विक सप्लाई चेन पर असर पड़ेगा।
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भारत के पास मजबूत सुरक्षा कवच
हालांकि गीता गोपीनाथ ने कहा कि भारत के पूरी तरह आर्थिक संकट में फंसने की संभावना कम है। मजबूत घरेलू (Crude oil prices) मांग, इंफ्रास्ट्रक्चर पर सरकारी निवेश और रिजर्व बैंक के पास मौजूद विदेशी मुद्रा भंडार देश को स्थिर बनाए रखने में मदद करेंगे। उन्होंने कहा कि भारत को रोजगार, आर्थिक विकास और महंगाई नियंत्रण पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए।
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