हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य का महत्व
Operation hormuz : हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य केवल एक समुद्री मार्ग नहीं बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण रास्ता है। दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल का परिवहन इसी मार्ग से होता है। इसलिए जो देश इस मार्ग को नियंत्रित करता है, वह वैश्विक ऊर्जा बाजार को प्रभावित कर सकता है।
अमेरिका की रणनीति
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बन गया है। ईरान की अर्थव्यवस्था काफी हद तक तेल निर्यात पर निर्भर है और यह निर्यात मुख्य रूप से इसी मार्ग से होता है। विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिका इस मार्ग को नियंत्रित कर ईरान की अर्थव्यवस्था पर दबाव बनाना चाहता है।
ईरान की प्रतिक्रिया
अमेरिका की संभावित कार्रवाई के जवाब में ईरान ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान कुछ देशों के जहाजों को ही इस मार्ग से गुजरने की अनुमति दे रहा है और कुछ जहाजों से भारी शुल्क वसूल रहा है। ईरान ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर अमेरिकी या इजरायली जहाज इस क्षेत्र में आते हैं तो उन्हें रोका जा सकता है।
Read also : WB Elections- बंगाल में 11 IPS अधिकारियों का तबादला, कोलकाता पुलिस में नई जिम्मेदारी तय
वैश्विक बाजार पर असर
दुनिया की लगभग 20 प्रतिशत तेल आपूर्ति हॉर्मुज़ (Operation hormuz) जलडमरूमध्य के जरिए होती है। ऐसे में यहां किसी भी तरह का तनाव वैश्विक तेल बाजार को प्रभावित कर सकता है। हाल के दिनों में कच्चे तेल की कीमतों में भी तेजी देखने को मिली है।
वैश्विक चिंता
हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य पर बढ़ता तनाव केवल अमेरिका और ईरान तक सीमित नहीं है। चीन, भारत, यूरोप और खाड़ी देश भी इस मार्ग पर निर्भर हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यहां स्थिति और बिगड़ती है तो यह एक वैश्विक संकट का रूप ले सकती है।
Read Telugu News: https://vaartha.com/
यह भी पढ़ें :