पहलगाम आतंकी हमले पर बोला सबसे बड़ा मुस्लिम देश इंडोनेशिया
इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की निंदा की है। यही नहीं उन्होंने कहा कि इंडोनेशिया में जिस इस्लाम का पालन किया जाता है, वह ऐसे आतंकवादी हमलों की शिक्षा नहीं देता। उन्होंने कहा कि हम इस आतंकी हमले से निपटने में भारत के साथ हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि किसी भी तरह के आतंकवाद से कोई नतीजा नहीं निकल सकता है। इसलिए हथियार छोड़कर ही बात करनी चाहिए। इंडोनेशिया के टॉप लीडर ने अपने देश में तैनात भारतीय राजदूत संदीप चक्रवर्ती से यह बात कही। राष्ट्रपति ने पहलगाम आतंकी हमले पर चर्चा करने के लिए ही मीटिंग बुलाई थी।
अपनी संस्कृति को भारत से जोड़ते हैं इंडोनेशिया के लोग
इंडोनेशिया से आई यह टिप्पणी अहम है, जहां दुनिया के सबसे ज्यादा मुसलमान रहते हैं। इंडोनेशिया के लोग अब भी अपनी संस्कृति को भारत से जोड़ते हैं। चक्रवर्ती ने बताया कि इंडोनेशिया के राष्ट्रपति ने उन्हें बुलाकर बात की और पहलगाम आतंकी हमले को लेकर चिंता जाहिर की। उन्होंने मृतकों के परिजनों से अपनी संवेदना व्यक्त की है और भारत के साथ इस वक्त में खड़े रहने का संकल्प जाहिर किया। बता दें कि इस्लामिक सहयोग संगठन ने तनाव के बीच पाकिस्तान का समर्थन किया है। ऐसे में इंडोनेशिया की प्रतिक्रिया अहम मानी जा रही है।
22 अप्रैल को हुआ था आतंकी हमला
जम्मू-कश्मीर के मशहूर पर्यटन स्थल पहलगाम में 22 अप्रैल को आतंकी हमला हुआ था। इस हमले में आतंकियों ने पर्यटकों का धर्म पूछकर उन्हें गोलियों से भून डाला था। इस हमले में 26 लोग मारे गए हैं और उसके बाद से ही तनाव है। भारत ने पाकिस्तान के कई राजनयिकों को बाहर कर दिया है। इसके अलावा सिंधु जल समझौता भी रोक दिया गया है। वहीं वाघा और अटारी बॉर्डर बंद किए गए हैं। इस तनाव की स्थिति में अमेरिका, रूस, चीन जैसे देशों के रुख पर दुनिया की नजर है। वहीं मुस्लिम देशों के संगठन का भी बयान आया है।
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