CM : बढ़ती शहरी जनसंख्या के अनुरूप बुनियादी ढांचे का विकास आवश्यक – रेवंत रेड्डी

Read Time:  1 min
रेवंत रेड्डी
रेवंत रेड्डी
FONT SIZE
GET APP

हैदराबाद। मुख्यमंत्री (CM) रेवंत रेड्डी ने कहा कि आउटर रिंग (Ring) रोड के भीतर कोर अर्बन रीजन (सीयूआरई) में उत्पन्न हो रही समस्याओं का समाधान करते हुए भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप हैदराबाद का योजनाबद्ध विकास करना राज्य सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता है। डॉ. बी. आर. अंबेडकर तेलंगाना राज्य सचिवालय में आयोजित आवास एवं शहरी मामलों की पार्लियामेंटरी स्टैंडिंग कमेटी की बैठक में मुख्यमंत्री ने भाग लिया। इस बैठक में उन्होंने आधुनिकरण और शहरीकरण के कारण आने वाली चुनौतियों तथा उनसे निपटने के लिए सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों की विस्तार से जानकारी दी। बैठक में स्टैंडिंग कमेटी के अध्यक्ष मंगुंटा श्रीनिवासुलु रेड्डी, सांसद चामला किरण कुमार रेड्डी सहित अन्य सदस्य, राज्य के मुख्य सचिव रामकृष्ण राव तथा केंद्र और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

पार्लियामेंटरी स्थायी समिति की बैठक में मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी का संबोधन

मुख्यमंत्री ने कहा कि बढ़ते शहरीकरण के कारण आने वाले समय में कई नई चुनौतियाँ सामने आएंगी, जिनके लिए मजबूत आधारभूत संरचना का विकास आवश्यक है। उन्होंने बताया कि सरकार हैदराबाद को ट्रैफिक मुक्त शहर बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रमुख क्षेत्रों में अंडरपास, सतही सड़कें और एलिवेटेड कॉरिडोर जैसी त्रिस्तरीय व्यवस्था विकसित की जा रही है। केवल सड़क विस्तार से यातायात समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि बहु-माध्यम परिवहन प्रणाली को विकसित करना आवश्यक है।

पार्किंग समस्या के समाधान के लिए बहु-स्तरीय पार्किंग सुविधाएँ स्थापित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने राज्य के विकास मॉडल को सीयूआरई, पीयूआरई और रीयर क्षेत्रों में विभाजित किए जाने की जानकारी दी। आउटर रिंग रोड के भीतर के कोर अर्बन रीजन को सेवा क्षेत्र के रूप में, आउटर रिंग रोड और रीजनल रिंग रोड के बीच के क्षेत्र को विनिर्माण क्षेत्र के रूप में तथा रीजनल रिंग रोड के बाहर के क्षेत्र को कृषि एवं संबद्ध गतिविधियों के लिए विकसित करने की योजना बताई।

इलेक्ट्रिक वाहनों में परिवर्तित करने की योजना पर भी कार्य किया जा रहा

उन्होंने बताया कि राज्य के समग्र विकास के लिए तेलंगाना राइजिंग 2047 मास्टर प्लान तैयार किया गया है, जिसके तहत 2034 तक 1 ट्रिलियन डॉलर और 2047 तक 3 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने मूसी नदी के पुनर्जीवन को एक ऐतिहासिक और क्रांतिकारी परियोजना बताते हुए कहा कि इससे हैदराबाद की पर्यावरणीय स्थिति और शहरी जीवन स्तर में बड़ा सुधार होगा। उन्होंने कहा कि शहर में प्रदूषण नियंत्रण के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दिया जा रहा है तथा टीएसआरटीसी में ईवी बसों को शामिल किया जा रहा है। इसके अलावा कोर अर्बन रीजन में ऑटो रिक्शा को निःशुल्क रेट्रोफिटिंग कर इलेक्ट्रिक वाहनों में परिवर्तित करने की योजना पर भी कार्य किया जा रहा है।

मूसी पुनर्जीवन परियोजना पर विस्तृत प्रस्तुति

बैठक में अधिकारियों ने हैदराबाद के पेयजल आपूर्ति, शहरी विकास और मूसी पुनर्जीवन परियोजना पर विस्तृत प्रस्तुति दी। केंद्र सरकार से इन विकास परियोजनाओं में सहयोग का आग्रह भी किया गया। स्टैंडिंग कमिटी ने मूसी पुनर्जीवन परियोजना को एक ऐतिहासिक पहल बताते हुए सरकार के प्रयासों की सराहना की और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए किए जा रहे कार्यों की भी प्रशंसा की। बैठक के प्रारंभ में मुख्यमंत्री ने समिति के अध्यक्ष एवं सदस्यों का सम्मान किया।

Read Telugu News: https://vaartha.com/

यह भी पढ़ें :

Ajay Kumar Shukla

लेखक परिचय

Ajay Kumar Shukla

सूचना : इस वेबसाइट पर प्रकाशित खबरें केवल पाठकों की जानकारी के उद्देश्य से दी जाती हैं। हम अपनी ओर से यथासंभव सही और सटीक जानकारी प्रदान करने का प्रयास करते हैं।