West Bengal- हार के बाद भाजपा के खिलाफ साझा मोर्चा बनाने में जुटीं ममता बनर्जी

Read Time:  1 min
पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी
पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी
FONT SIZE
GET APP

कोलकाता,। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के परिणामों के बाद राज्य की राजनीति में मचे उथल-पुथल के बीच तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (CM Mamta Banerjee) ने एक बड़ा राजनीतिक दांव खेला है। राज्य की सत्ता भाजपा के हाथों में जाने के बाद अब ममता बनर्जी ने विपक्षी दलों को एकजुट करने की कवायद शुरू कर दी है। शनिवार को रवींद्रनाथ टैगोर (R N Tagore) की जयंती के अवसर पर कालीघाट स्थित अपने आवास पर आयोजित एक सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने सभी भाजपा विरोधी ताकतों को एक साझा मंच पर आने का आह्वान किया।

विपक्षी एकता पर ममता का जोर

ममता बनर्जी ने अपनी अपील में न केवल क्षेत्रीय दलों, बल्कि वामपंथी और अति-वामपंथी विचारधारा वाले दलों को भी साथ आने को कहा। उन्होंने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में भाजपा के खिलाफ लड़ाई लड़ने के लिए वह किसी भी दल से संवाद करने को तैयार हैं।

भाजपा को बताया मुख्य प्रतिद्वंद्वी

उन्होंने जोर देकर कहा कि अब यह सोचने का समय नहीं है कि दुश्मन का दुश्मन दोस्त है, बल्कि यह समझने की जरूरत है कि मुख्य वैचारिक और राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी भाजपा है और उससे मुकाबला करने के लिए एकजुटता अनिवार्य है।

भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप

पूर्व मुख्यमंत्री ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि चुनाव परिणामों के बाद से ही राज्य के विभिन्न हिस्सों में टीएमसी कार्यकर्ताओं और समर्थकों को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि राज्य में गुंडागर्दी बढ़ गई है और असामाजिक तत्व सत्ताधारी दल की आड़ में हिंसा फैला रहे हैं।

अपने कार्यकाल का किया जिक्र

अपने कार्यकाल की याद दिलाते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि 2011 में जब वह पहली बार सत्ता में आई थीं, तब उन्होंने इस तरह की प्रतिशोध की राजनीति को अनुमति नहीं दी थी।

Read Also : विजय सरकार का बड़ा ऐलान, 200 यूनिट फ्री बिजली समेत महिलाओं की सुरक्षा पर फोकस

भाजपा की ऐतिहासिक जीत

उल्लेखनीय है कि हाल ही में संपन्न हुए चुनावों में पश्चिम बंगाल की 294 सीटों में से भाजपा ने 207 सीटों पर प्रचंड जीत हासिल कर पहली बार राज्य में अपनी सरकार बनाई है। वहीं, टीएमसी को महज 80 सीटों पर ही संतोष करना पड़ा है। इस हार के बाद ममता बनर्जी अब राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा के खिलाफ एक मजबूत मोर्चा तैयार करने की रणनीति पर काम कर रही हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि उनके इस न्यौते पर अन्य विपक्षी दल क्या प्रतिक्रिया देते हैं।

Read More :

Anuj Kumar

लेखक परिचय

Anuj Kumar

सूचना : इस वेबसाइट पर प्रकाशित खबरें केवल पाठकों की जानकारी के उद्देश्य से दी जाती हैं। हम अपनी ओर से यथासंभव सही और सटीक जानकारी प्रदान करने का प्रयास करते हैं।