बर्लिन। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जर्मनी की राजधानी में भारत की कूटनीतिक ताकत और प्रधानमंत्री नरें (PM Modi) मोदी के नेतृत्व की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि वैश्विक तनाव के दौर में भारत का संतुलित और संवाद आधारित दृष्टिकोण उसे विश्व मंच पर एक भरोसेमंद शक्ति के रूप में स्थापित कर रहा है।
हॉर्मुज में दिखी भारत की कूटनीतिक ताकत
राजनाथ सिंह ने कहा कि पश्चिम एशिया (West Asia) में तनाव के बावजूद भारत ने अपनी तटस्थ नीति के जरिए बड़ी कूटनीतिक सफलता हासिल की। उन्होंने बताया कि जब हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में कई देशों के जहाज फंसे हुए थे, तब भारत के 7-8 जहाज सुरक्षित निकलने में सफल रहे, जो भारत की स्वीकार्य और संतुलित छवि को दर्शाता है।
वैश्विक शांति के लिए सक्रिय भूमिका
रक्षा मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक शांति के लिए व्यक्तिगत स्तर पर भी कई प्रयास किए हैं। उन्होंने विभिन्न देशों के शीर्ष नेताओं से बातचीत कर संवाद और कूटनीति के जरिए समाधान निकालने पर जोर दिया।
विश्व नेताओं से सीधे संवाद का असर
सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री ने रूस और यूक्रेन के राष्ट्रपतियों से सीधे बातचीत कर तनाव कम करने की अपील की। इसके अलावा अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ मुलाकात में भी वैश्विक संकटों के समाधान पर चर्चा की गई थी।
भारत-जर्मनी रिश्तों के 75 साल
राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में भारत और जर्मनी के मजबूत होते संबंधों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 2026 में दोनों देशों के राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष पूरे हो रहे हैं और यह साझेदारी लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित है।
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भविष्य में और बड़ी भूमिका निभाएगा भारत
रक्षा मंत्री ने विश्वास जताया कि आने वाले समय में भारत वैश्विक संघर्षों को सुलझाने में और भी प्रभावी भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि भारत की संतुलित विदेश नीति और मजबूत नेतृत्व दुनिया में शांति और स्थिरता लाने में अहम साबित होगा।
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