इस्लामाबाद । पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पीटीआई प्रमुख इमरान खान (Imran Khan) की सेहत को लेकर सामने आई ताजा मेडिकल रिपोर्ट ने देश की राजनीति में हलचल मचा दी है। रावलपिंडी की अडियाला जेल में बंद इमरान खान एक गंभीर नेत्र रोग से पीड़ित बताए जा रहे हैं, जिससे उनकी दाहिनी आंख की रोशनी हमेशा के लिए जाने का खतरा पैदा हो गया है।
गंभीर नेत्र रोग से जूझ रहे इमरान खान
मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार, इमरान खान सेंट्रल रेटिनल वेन ऑक्लूजन नामक बीमारी की चपेट में हैं। इस स्थिति में आंख की रेटिना की नसों में खून का थक्का जम जाता है, जिससे दृष्टि पर गंभीर असर पड़ता है। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि समय पर इलाज नहीं हुआ तो उनकी एक आंख की रोशनी पूरी तरह खत्म हो सकती है।
डॉक्टरों की चेतावनी: तुरंत विशेषज्ञ इलाज जरूरी
पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PIMS) के डॉक्टरों के एक प्रतिनिधिमंडल ने जेल में इमरान खान की जांच के बाद साफ कहा है कि उन्हें तत्काल किसी बड़े विशेषज्ञ अस्पताल और अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर में ले जाना आवश्यक है। डॉक्टरों का मानना है कि जेल के सीमित संसाधनों में इस तरह की जटिल बीमारी का इलाज संभव नहीं है।
शीतलहर और जेल की स्थिति ने बढ़ाई परेशानी
उत्तर पाकिस्तान में जारी भीषण शीतलहर और अडियाला जेल (Adiyala Jaill) की सूखी ठंड ने इमरान खान की एलर्जी और संक्रमण को और गंभीर बना दिया है। इससे उनकी आंख की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है और हालात तेजी से नियंत्रण से बाहर होते दिख रहे हैं।
परिवार और पार्टी के गंभीर आरोप
इमरान खान की पार्टी पीटीआई और उनके परिवार ने शहबाज शरीफ सरकार और सैन्य प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनकी बहनों अलीमा खान और उज्मा खान का कहना है कि इमरान खान को जानबूझकर सॉलिटरी कन्फाइनमेंट (काल कोठरी) में रखकर मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है।
55 दिनों से संपर्क से पूरी तरह कटे
परिवार के अनुसार, 2 दिसंबर 2025 से पिछले करीब 55 दिनों से इमरान खान को बाहरी दुनिया से पूरी तरह अलग रखा गया है। उन्हें न तो अपने वकीलों से मिलने दिया जा रहा है और न ही करीबी परिजनों से। इसे उनके समर्थक अमानवीय व्यवहार बता रहे हैं।
‘मेडिकल मर्डर’ की साजिश का आरोप
इमरान खान के समर्थकों के बीच आशंका गहराती जा रही है कि यह सब जेल में उनके ‘मेडिकल मर्डर’ की एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा है, ताकि उन्हें शारीरिक रूप से अक्षम किया जा सके। उनकी बहनों ने मांग की है कि उन्हें तुरंत शौकत खानम अस्पताल स्थानांतरित किया जाए, जहां उनका समुचित इलाज संभव हो सके।
31 जनवरी का मेडिकल रिव्यू बना निर्णायक
इस बीच, 31 जनवरी 2026 को होने वाला अगला मेडिकल रिव्यू पाकिस्तान की राजनीति के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। यदि रिपोर्ट में इमरान खान की हालत और खराब पाई गई, तो देशभर में उनके समर्थकों का गुस्सा सड़कों पर फूट सकता है।
बढ़ते तनाव से राजनीतिक विस्फोट की आशंका
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि हालात बिगड़ने पर पाकिस्तान में बड़े आंदोलन गृहयुद्ध जैसी स्थिति भी बन सकती है। फिलहाल जेल प्रशासन और सरकार ने इन आरोपों पर चुप्पी साध रखी है, लेकिन बढ़ता तनाव किसी बड़े राजनीतिक विस्फोट की ओर इशारा कर रहा है।
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