తెలుగు | Epaper

USA- पीएम मोदी को ट्रंप का न्योता, 9 हजार करोड़ के योगदान से ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में एंट्री

Anuj Kumar
Anuj Kumar
USA- पीएम मोदी को ट्रंप का न्योता, 9 हजार करोड़ के योगदान से ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में एंट्री

वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को नवनिर्मित बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने का औपचारिक निमंत्रण दिया है। इसकी सदस्यता शुल्क करीब 9 हजार करोड़ रुपए है। राष्ट्रपति ट्रंप ने इस पहल को मध्य पूर्व में स्थिरता लाने और वैश्विक संघर्षों को सुलझाने की दिशा में एक ऐतिहासिक और साहसिक प्रयास करार दिया है। भारत के लिए यह न्योता न केवल उसकी बढ़ती वैश्विक साख का प्रतीक है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय विवादों में एक निर्णायक मध्यस्थ के रूप में उसकी भूमिका को भी रेखांकित करता है।

क्या है बोर्ड ऑफ पीस और इसका उद्देश्य

यह नया अंतरराष्ट्रीय निकाय गाजा पट्टी में इजरायल (Israel) और हमास के बीच हुए युद्धविराम समझौते के दूसरे चरण का हिस्सा है। वॉशिंगटन इस बोर्ड को एक ऐसे संगठन के रूप में पेश कर रहा है जो गाजा और उसके आसपास के क्षेत्रों में शांति, सुरक्षा और पुनर्निर्माण की देखरेख करेगा। इस निकाय की कमान स्वयं राष्ट्रपति ट्रंप के हाथों में होगी।

गाजा के पुनर्निर्माण और फंडिंग की जिम्मेदारी

इसका मुख्य कार्य गाजा (Gaza) के पुनर्निर्माण के लिए शासन व्यवस्था सुनिश्चित करना और वित्तपोषण (फंडिंग) का समन्वय करना है। भविष्य में यह निकाय अन्य वैश्विक संघर्षों को सुलझाने में भी अपनी भूमिका निभा सकता है।

सदस्यता की शर्तें और वित्तीय पक्ष

यदि भारत इस निमंत्रण को स्वीकार करता है, तो वह शुरुआती तीन वर्षों के लिए इस बोर्ड का हिस्सा बन जाएगा। खास बात यह है कि इन पहले तीन वर्षों की सदस्यता के लिए किसी भी देश को कोई वित्तीय योगदान नहीं देना होगा। हालांकि, तीन साल बाद सदस्य बने रहने के लिए प्रत्येक देश को 1 बिलियन डॉलर (लगभग 9,083 करोड़ रुपए) का योगदान देना होगा, जिससे वे इस निकाय के स्थायी सदस्य बन जाएंगे। इस धनराशि का उपयोग बोर्ड की शांति गतिविधियों और संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों के विकास में किया जाएगा।

भारत की भूमिका और जिम्मेदारियां

बोर्ड में शामिल होने वाले देश गाजा में सीजफायर के अगले चरणों की निगरानी करेंगे। इसमें नई फिलिस्तीनी समिति का गठन, अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती, हमास से हथियार समर्पण की प्रक्रिया का प्रबंधन और तबाह हो चुके गाजा का दोबारा निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं।

पीएम मोदी को पत्र, ट्रंप ने जताया भरोसा

प्रधानमंत्री मोदी को लिखे पत्र में ट्रंप ने कहा कि मध्य पूर्व में शांति बहाली के लिए भारत का साथ होना एक सम्मान की बात है। भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने इस निमंत्रण को साझा करते हुए विश्वास जताया कि यह बोर्ड गाजा में स्थायी शांति और समृद्धि लाने में सफल होगा।

50 देशों को आमंत्रण, दावोस में होगी घोषणा

भारत के अलावा इजरायल, मिस्र, तुर्की, कतर, पाकिस्तान, कनाडा और अर्जेंटीना सहित लगभग 50 अन्य देशों को भी इस बोर्ड का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित किया गया है। सदस्यों की आधिकारिक सूची की घोषणा आने वाले दिनों में दावोस में होने वाली विश्व आर्थिक मंच की बैठक के दौरान होने की संभावना है।

उच्च स्तरीय समिति गठित, वैश्विक नजरें भारत पर

व्हाइट हाउस ने इस विजन को धरातल पर उतारने के लिए एक उच्च स्तरीय कार्यकारी समिति भी गठित की है, जिसमें अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, जारेड कुशनर और विश्व बैंक के अध्यक्ष अजय बंगा जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं। यह निमंत्रण भारत के लिए एक रणनीतिक अवसर है, जहाँ वह वैश्विक शांति प्रक्रिया में अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज करा सकता है। दुनिया की नजरें अब नई दिल्ली के फैसले पर टिकी हैं।

Read More :

IRAN- यूएई के तीन बड़े बंदरगाहों पर ईरान का निशाना, तेहरान ने जारी की खाली करने की चेतावनी

IRAN- यूएई के तीन बड़े बंदरगाहों पर ईरान का निशाना, तेहरान ने जारी की खाली करने की चेतावनी

ईरान पर इजरायल का बड़ा प्रहार

ईरान पर इजरायल का बड़ा प्रहार

Iran & America War-खार्ग द्वीप पर बड़ा हमला ईरान की तेल लाइफलाइन पर संकट

Iran & America War-खार्ग द्वीप पर बड़ा हमला ईरान की तेल लाइफलाइन पर संकट

PAK- गिलगित-बाल्टिस्तान में पेट्रोल 55 रुपये महंगा, शिक्षा व्यवस्था पर भी असर

PAK- गिलगित-बाल्टिस्तान में पेट्रोल 55 रुपये महंगा, शिक्षा व्यवस्था पर भी असर

USA- अमेरिका का बड़ा कदम, मोजतबा खामेनेई पर 84 करोड़ का इनाम घोषित

USA- अमेरिका का बड़ा कदम, मोजतबा खामेनेई पर 84 करोड़ का इनाम घोषित

USA- इजरायल-बोइंग समझौता, 2,400 करोड़ की डील से सेना को मिलेंगे स्मार्ट मिनी बम

USA- इजरायल-बोइंग समझौता, 2,400 करोड़ की डील से सेना को मिलेंगे स्मार्ट मिनी बम

दो भारतीयों की मौत

दो भारतीयों की मौत

ईरान युद्ध ट्रंप की रणनीति क्यों फेल? 7 कारण

ईरान युद्ध ट्रंप की रणनीति क्यों फेल? 7 कारण

H-1B वीजा प्रक्रिया में बड़ा बदलाव

H-1B वीजा प्रक्रिया में बड़ा बदलाव

PAK- कंधार में पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक, फ्यूल डिपो और रिहाइशी इलाकों में भारी तबाही

PAK- कंधार में पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक, फ्यूल डिपो और रिहाइशी इलाकों में भारी तबाही

ईरान हमले में मारे गए भारतीय की पहचान हुई सामने

ईरान हमले में मारे गए भारतीय की पहचान हुई सामने

USA- अमेरिका को ईरान की कड़ी धमकी, कहा– जरूरत पड़ी तो तेल-गैस भंडार नष्ट कर देंगे

USA- अमेरिका को ईरान की कड़ी धमकी, कहा– जरूरत पड़ी तो तेल-गैस भंडार नष्ट कर देंगे

📢 For Advertisement Booking: 98481 12870