वाशिंगटन। ईरान के साथ जारी भीषण सैन्य संघर्ष के बीच अमेरिका (America) ने अपने नागरिकों के लिए वैश्विक स्तर पर सुरक्षा चेतावनी जारी की है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने आगाह किया है कि ईरान समर्थक समूह दुनिया भर में, विशेष रूप से मध्य पूर्व (Middile East) में रहने वाले अमेरिकी नागरिकों और राजनयिक केंद्रों को निशाना बना सकते हैं।
ट्रंप का 48 घंटे का अल्टीमेटम
यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने सामरिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर ईरान को 48 घंटे का कड़ा अल्टीमेटम दिया है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि हवाई क्षेत्र के अचानक बंद होने से यात्रा में बाधाएं आ सकती हैं, इसलिए विदेशों में रह रहे अमेरिकी नागरिक स्थानीय दूतावासों के संपर्क में रहें और अत्यधिक सावधानी बरतें।
अमेरिका-इजरायल का संयुक्त सैन्य लक्ष्य
इस बीच, अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट के बयानों ने साफ कर दिया है कि अमेरिका इस युद्ध से पीछे हटने वाला नहीं है। उन्होंने रविवार को एक इंटरव्यू में कहा कि अमेरिका और इजरायल के साझा हमलों का प्राथमिक लक्ष्य स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ईरान की सैन्य किलेबंदी को पूरी तरह ध्वस्त करना है।बेसेंट के मुताबिक, राष्ट्रपति ट्रंप के लक्ष्यों में ईरानी वायुसेना और नौसेना का विनाश, उसे परमाणु हथियार बनाने से रोकना और उसकी अंतरराष्ट्रीय शक्ति प्रदर्शन की क्षमता को खत्म करना शामिल है। उन्होंने सैन्य अभियान का बचाव करते हुए तर्क दिया कि कभी-कभी दीर्घकालिक शांति के लिए और तनाव कम करने के लिए शुरुआत में तनाव बढ़ाना आवश्यक होता है।
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर
युद्ध के चौथे सप्ताह में प्रवेश करने के साथ ही इसका वैश्विक आर्थिक असर भी दिखने लगा है। कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ने चिंताएं बढ़ा दी हैं।
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200 अरब डॉलर की मांग
युद्ध के लिए वित्तीय संसाधनों की बात करें तो अमेरिकी सरकार कांग्रेस से अतिरिक्त 200 अरब डॉलर के फंड की मांग कर रही है। हालांकि, बेसेंट ने स्पष्ट किया कि युद्ध के खर्च के लिए किसी भी तरह की टैक्स बढ़ोतरी नहीं की जाएगी। इस भारी-भरकम फंड की मांग का अमेरिकी कांग्रेस में कड़ा विरोध भी हो रहा है। डेमोक्रेट्स और कुछ रिपब्लिकन सदस्य पिछले साल के विशाल रक्षा बजट का हवाला देते हुए इस अतिरिक्त राशि की आवश्यकता पर सवाल उठा रहे हैं। फिलहाल, पूरा विश्व ट्रंप के 48 घंटे के अल्टीमेटम की समय सीमा समाप्त होने का इंतजार कर रहा है, जो इस युद्ध की दिशा तय करेगा।
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