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Latest Hindi News : तीन महाशक्तियों की दोस्ती से तिलमिलाए ट्रंप जाएंगे चीन, जिनपिंग से करेंगे बात

Anuj Kumar
Anuj Kumar
Latest Hindi News : तीन महाशक्तियों की दोस्ती से तिलमिलाए ट्रंप जाएंगे चीन, जिनपिंग से करेंगे बात

वॉशिंगटन । भारत, रूस और चीन की दोस्ती से बौखलाए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) अब चीन का रुख करने वाले हैं। वे चीन जाकर राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping) से मुलाकात करेंगे और कई अहम मुद्दों पर चर्चा करेंगे। दोनों नेताओं के बीच शुक्रवार को लगभग दो घंटे फोन पर बातचीत हुई। यह तीन महीने में पहली बार था जब दोनों नेताओं ने सीधी बात की, जिससे तनाव कुछ हद तक कम हुआ। ट्रंप ने इस कॉल को बेहद सकारात्मक बताया। इस बातचीत में व्यापार, फेंटानिल तस्करी, यूक्रेन युद्ध और टिकटॉक जैसे मुद्दों पर प्रगति हुई।

ट्रंप-शी की मुलाकात का ऐलान

ट्रंप ने कॉल के बाद ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर बताया कि दोनों नेता दक्षिण कोरिया में होने वाले एपेक सम्मेलन में मिलेंगे। इसके अलावा, ट्रंप 2026 की शुरुआत में चीन यात्रा (China Yatra) पर जाएंगे, वहीं शी जिनपिंग भी उसी समय के आसपास अमेरिका का दौरा करेंगे।

टिकटॉक डील पर बनी सहमति

ट्रंप ने कहा कि शी जिनपिंग ने टिकटॉक डील को मंजूरी दे दी है, हालांकि औपचारिक हस्ताक्षर बाकी हैं। इस डील से टिकटॉक को अमेरिका में चलाने की अनुमति मिलेगी, बशर्ते राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताएं दूर हों।

अमेरिकी कांग्रेस ने पहले एक कानून पारित किया था, जिसके तहत टिकटॉक को अमेरिकी मालिकों को बेचना होगा, अन्यथा जनवरी 2025 तक इसे बंद करना पड़ सकता है। ट्रंप ने इसकी समयसीमा अब बढ़ाकर 16 दिसंबर कर दी है।

यूक्रेन-रूस युद्ध पर चर्चा

दो घंटे की इस कॉल में यूक्रेन-रूस युद्ध को खत्म करने पर भी जोर दिया गया। ट्रंप ने कहा कि शी जिनपिंग भी इस युद्ध को जल्द समाप्त करना चाहते हैं।इसके अलावा, व्यापार और फेंटानिल तस्करी पर भी सकारात्मक चर्चा हुई। हाल ही में दोनों देशों ने टैरिफ युद्ध को कुछ हद तक रोकने के लिए सीमित समझौते किए हैं।

चीन की ओर से चुप्पी

ट्रंप ने दावा किया कि टिकटॉक डील सही दिशा में बढ़ रही है, लेकिन चीन की ओर से इस पर कोई औपचारिक पुष्टि नहीं की गई।चीन का कहना है कि वह टिकटॉक की इच्छाओं का सम्मान करता है और चीनी कंपनियों के साथ भेदभाव न करने की मांग करता है।

अमेरिकी सांसदों की चिंता

कई अमेरिकी सांसदों को आशंका है कि टिकटॉक के जरिए चीन जासूसी या प्रचार कर सकता है। हालांकि चीन ने इन आरोपों को खारिज किया है। ट्रंप ने कहा कि टिकटॉक का एल्गोरिदम अमेरिका के कड़े नियंत्रण में होगा और स्वामित्व से जुड़े मुद्दों पर जल्द घोषणा की जाएगी।

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