मुख्य बातें: –
- NEET UG पेपर लीक मामले में CBI ने छात्र को किया गिरफ्तार
- आरोपियों ने छात्र का नंबर ‘God’ नाम से सेव कर रखा था
- पुणे की हेडमिस्ट्रेस ने मौखिक रूप से बताए थे फिजिक्स के सवाल
नई दिल्ली। (NEET UG) पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने मंगलवार शाम एक छात्र को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी के मुताबिक, इस छात्र का मोबाइल नंबर अन्य आरोपियों ने अपने फोन में ‘God’ नाम से सेव कर रखा था। आरोप है कि पुणे की एक स्कूल हेडमिस्ट्रेस ने उसे परीक्षा से जुड़े फिजिक्स के सवाल बताए थे।
‘God’ नाम से सेव था छात्र का नंबर
CBI के अनुसार, गिरफ्तार छात्र को पूछताछ के बाद CBI कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने उसे ट्रांजिट रिमांड पर भेज दिया है ताकि आगे की जांच के लिए उसे दिल्ली लाया जा सके। जांच एजेंसी का कहना है कि आरोपी छात्र पेपर लीक नेटवर्क का अहम हिस्सा था।
हेडमिस्ट्रेस ने बताए थे फिजिक्स के सवाल
जांच में सामने आया है कि पुणे की स्कूल हेडमिस्ट्रेस मनीषा हवालदार ने छात्र को मौखिक रूप से फिजिक्स के सवाल बताए थे। इसके बाद छात्र ने सवाल लिखे, उनकी तस्वीरें लीं और उन्हें हवालदार के पति को भेज दिया। बाद में हस्तलिखित दस्तावेज नष्ट कर दिए गए। CBI का दावा है कि इस काम के बदले छात्र से पैसे भी लिए गए थे।
जांच में मिले कई अहम सबूत
CBI ने जांच के दौरान 23 पन्नों में लिखे फिजिक्स के सवाल, NEET के मूल प्रश्नपत्र, (NTA) के आधिकारिक दस्तावेज और नकदी बरामद की है। पूछताछ में मनीषा हवालदार ने स्वीकार किया कि उन्होंने अप्रैल में याददाश्त के आधार पर सवाल दोबारा तैयार किए थे। उन्होंने यह भी दावा किया कि यह काम NTA से जुड़े एक केमिस्ट्री विशेषज्ञ के कहने पर किया गया था। बाद में यही सवाल मैसेजिंग ऐप के जरिए आगे भेजे गए।
असली पेपर से मिले सवाल
CBI ने अदालत को बताया कि हवालदार द्वारा बताए गए सवाल NEET परीक्षा के असली प्रश्नपत्र से काफी हद तक मेल खाते थे। इससे जांच एजेंसी को पेपर लीक के पुख्ता संकेत मिले हैं।
पहले भी हो चुकी हैं कई गिरफ्तारियां
इस मामले में इससे पहले भी कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। CBI ने NTA की पेपर सेटिंग टीम से जुड़े पी वी कुलकर्णी को गिरफ्तार किया था। इसके अलावा ब्यूटी पार्लर संचालक मनीषा वाघमारे और कंसल्टेंसी फर्म चलाने वाले धनंजय को भी गिरफ्तार किया जा चुका है।
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