Health Tips: पेट के लिए रामबाण है इसबगोल की भूसी, ऐसे करें इस्तेमाल

Author Icon By digital
Updated: August 21, 2025 • 8:07 PM
వాట్సాప్‌లో ఫాలో అవండి

कब्ज की समस्या से भी दिलाता है छुटकारा

पेट (Stomach) की समस्या कई रोगों को जन्म देती है। अगर रोजाना किसी का पेट साफ नहीं होता है या फिर खाना खाते ही दस्त आने लगते हैं। तो यह दोनों ही स्थिति मेडिकल कंडीशन में साफ नहीं मानी जाती हैं। इन समस्याओं में इसबगोल (Isabgol) की भूसी का इस्तेमाल फायदेमंद हो सकता है। बहुत सारे लोगों को लगता है कि इसबगोल का इस्तेमाल सिर्फ कब्ज की समस्या को दूर करने के लिए किया जाता है। जबकि ऐसा नहीं है, यह आयुर्वेदिक औषधि का अलग-अलग तरीके से सेवन करने से दस्त, डायरिया और कब्ज की समस्या से भी छुटकारा दिलाता है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको इसबगोल की भूसी खाने के अलग-अलग तरीकों के बारे में बताने जा रहे हैं

जानिए क्या है इसबगोल

इसबगोल की सीलियम हस्क के नाम से भी जानते हैं। आयुर्वेदमें इसबगोल को ऑयली माना जाता है, जोकि वात और पित्त के बैलेंस को ठीक करता है। इसबगोल की भूसी खाने से पेट से जुड़ी कई बीमारियों से आपको राहत मिलती है। इसबगोल को खाने के दो तरीके बताए गए हैं, जोकि कब्ज के अलावा डायरिया की समस्या को खत्म करेंगे।

दस्त होने पर ऐसे खाएं इसबगोल

जिन लोगों को बार-बार दस्त की समस्या होती है, उनको इसबगोल की भूसी को दही के साथ मिलाकर खाना चाहिए। ऐसा करने से लूज मोशन यानी की दस्त की समस्या दूर होगी।

कब्ज में ऐसे खाएं इसबगोल

अगर किसी व्यक्ति को हर समय कब्ज की समस्या बनी रहती है, तो इसको गर्म दूध के साथ मिलाकर खाना चाहिए। इससे कब्ज की समस्या दूर होती है।

पाइल्स की समस्या में ऐसे खाएं इसबगोल

जिन लोगों को पाइल्स और फिशर की समस्या रहती है, उनको भी इसबगोल को गर्म दूध के साथ खाना चाहिए। पाइल्स और फिशर की समस्या में भी आराम मिलता है।

गट हेल्थ के लिए भी फायदेमंद

अगर किसी व्यक्ति को पुअर गट हेल्थ की समस्या रहती है, तो उसको बॉडी में गुड बैक्टीरिया बढ़ाते हैं और उसको इसबगोल की भूसी को जरूर खाना चाहिए। इससे गट में गुड बैक्टीरिया की संख्या को बढ़ाने में मदद मिलती है।

ईसबगोल का दूसरा नाम क्या है?

साइलियम को सामान्य भाषा में “पिस्सीयम हस्क” (Psyllium Husk) कहा जाता है। इसका वैज्ञानिक नाम Plantago ovata है। यह आहार रेशे का प्रमुख स्रोत है, जिसका उपयोग कब्ज, पेट की सफाई और पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने के लिए किया जाता है। इसे कई बार “इस्फगोल” भी कहा जाता है।

ईसबगोल कहाँ पाया जाता है?

साइलियम मुख्य रूप से भारत, ईरान और पाकिस्तान जैसे देशों में पाया जाता है। भारत में यह खासतौर पर गुजरात और राजस्थान के शुष्क इलाकों में अधिक मात्रा में उगाया जाता है। इसकी खेती कम पानी और सूखे क्षेत्रों में सफल होती है, जिससे यह किसानों के लिए लाभकारी फसल बनती है।

1 दिन में कितना इसबगोल खाना चाहिए?

आम तौर पर वयस्कों के लिए एक दिन में 5 से 10 ग्राम इसबगोल लेना सुरक्षित माना जाता है। इसे पानी, दूध या दही के साथ लेना अधिक लाभकारी होता है। हालांकि सेवन की मात्रा व्यक्ति की पाचन स्थिति और स्वास्थ्य पर निर्भर करती है। अधिक सेवन से गैस या पेट फूलने की समस्या हो सकती है।

MP Tourism: प्रकृति प्रेमियों के लिए स्वर्ग है भीमबेटका, जहां 30,000 साल पुराना …

#Google News in Hindi ayurvedic remedy diarrhea issues indigestion isabgol benefits latestnews stomach problems trendingnews

గమనిక: ఈ వెబ్ సైట్ లో ప్రచురించబడిన వార్తలు పాఠకుల సమాచార ప్రయోజనాల కోసం ఉద్దేశించి మాత్రమే ఇస్తున్నాం. మావంతుగా యధార్థమైన సమాచారాన్ని ఇచ్చేందుకు కృషి చేస్తాము.