Health- डिजिटल डिवाइसेज का ज्यादा इस्तेमाल त्वचा के लिए बन रहा खतरा

Read Time:  1 min
Digital devices
Digital devices
FONT SIZE
GET APP

मुख्य बातें: 

  • ब्लू लाइट त्वचा की गहराई तक पहुंचकर कोलेजन को प्रभावित करती है
  • झुर्रियां, फाइन लाइन्स और ढीलापन बढ़ने की आशंका
  • पिगमेंटेशन और स्किन डिहाइड्रेशन की समस्या बढ़ रही

नई दिल्ली। मोबाइल, लैपटॉप और अन्य डिजिटल डिवाइसेज का लगातार इस्तेमाल अब केवल आंखों और नींद ही नहीं, बल्कि त्वचा के लिए भी नुकसानदायक माना जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस समस्या को “डिजिटल सनबर्न” (Digital Sunburn) नाम दिया है। उनका कहना है कि स्क्रीन से निकलने वाली ब्लू लाइट त्वचा (Blue Light Skin) को समय से पहले बूढ़ा बना सकती है और कई तरह की स्किन समस्याओं को बढ़ावा दे सकती है।

ब्लू लाइट से त्वचा को हो सकता है नुकसान

विशेषज्ञों के अनुसार मोबाइल, लैपटॉप, टैबलेट और टीवी स्क्रीन (TV Screen) से निकलने वाली हाई एनर्जी विजिबल लाइट यानी ब्लू लाइट त्वचा की गहराई तक पहुंच सकती है। इससे त्वचा में मौजूद कोलेजन प्रभावित होता है।कोलेजन वह महत्वपूर्ण प्रोटीन है जो त्वचा को टाइट, मुलायम और जवान बनाए रखने में मदद करता है। इसकी कमी होने पर चेहरे पर झुर्रियां, फाइन लाइन्स और ढीलापन नजर आने लगता है।

पिगमेंटेशन और डिहाइड्रेशन की बढ़ रही समस्या

विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक स्क्रीन देखने से त्वचा की रंगत पर भी असर पड़ सकता है। कई लोगों में पिगमेंटेशन, हल्के काले धब्बे और असमान स्किन टोन जैसी समस्याएं बढ़ने लगी हैं।देर रात तक मोबाइल चलाने या लगातार लैपटॉप पर काम करने वालों में यह परेशानी ज्यादा देखी जा रही है। इसके अलावा स्क्रीन की रोशनी त्वचा को डिहाइड्रेट भी कर सकती है, जिससे चेहरा थका हुआ और बेजान दिखने लगता है।

आंखों और नींद पर भी पड़ रहा असर

डिजिटल सनबर्न का प्रभाव सिर्फ त्वचा तक सीमित नहीं है। लगातार स्क्रीन देखने से आंखों में जलन, सिरदर्द और नींद से जुड़ी परेशानियां भी बढ़ रही हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि अत्यधिक स्क्रीन टाइम शरीर की जैविक घड़ी को भी प्रभावित कर सकता है।

Read Also : Weather- गर्मी का कहर : दिल्ली-यूपी में तापमान 45 डिग्री के पार, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

ऐसे कम करें डिजिटल सनबर्न का असर

विशेषज्ञों ने कुछ आसान उपाय अपनाने की सलाह दी है, जिनसे स्क्रीन के दुष्प्रभाव को कम किया जा सकता है।

  • हर 20-30 मिनट बाद स्क्रीन से ब्रेक लें
  • मोबाइल और लैपटॉप में ब्लू लाइट फिल्टर या डार्क मोड का उपयोग करें
  • स्क्रीन टाइम सीमित रखें
  • पर्याप्त पानी पीकर त्वचा को हाइड्रेट रखें
  • नियमित रूप से सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें
  • विटामिन सी और ई से भरपूर आहार लें
  • पर्याप्त और अच्छी नींद लें

Read More :

Anuj Kumar

लेखक परिचय

Anuj Kumar

सूचना : इस वेबसाइट पर प्रकाशित खबरें केवल पाठकों की जानकारी के उद्देश्य से दी जाती हैं। हम अपनी ओर से यथासंभव सही और सटीक जानकारी प्रदान करने का प्रयास करते हैं।