National- केंद्र सरकार मनरेगा के बाद अब शिक्षा और खाद्य कानूनों पर करेगी मंथन

Read Time:  1 min
मनरेगा
मनरेगा
FONT SIZE
GET APP

नई दिल्ली,। मोदी सरकार यूपीए सरकार के दौर में बने दो बड़े सामाजिक अधिकार कानूनों—शिक्षा का अधिकार (RTE) और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून में बदलाव की तैयारी में जुटी है। मनरेगा की जगह नया कानून लाने के बाद अब केंद्र का फोकस इन योजनाओं की प्रभावशीलता बढ़ाने और लाभ सही लोगों तक पहुंचाने पर है।

कानून लागू करना ही पर्याप्त नहीं, प्रभावी क्रियान्वयन जरूरी

सरकार का मानना है कि केवल किसी योजना को कानूनी अधिकार बना देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसका ज़मीन पर सही तरीके से लागू होना भी उतना ही जरूरी है।

सुधार के लिए प्रशासनिक कदम पहले

केंद्र सरकार से जुड़े सूत्रों का हवाला देते हुए बताया गया कि शुरुआती तौर पर नियमों और प्रशासनिक आदेशों के जरिए सुधार करने की कोशिश की जाएगी। यदि अपेक्षित नतीजे नहीं मिले, तो संसद में संशोधन या नया विधेयक लाने पर भी विचार किया जा सकता है।

आवास अधिकार पर भी विचार

सरकार इस बात पर भी विचार कर रही है कि आवास के अधिकार (Housing Rights) को भी कानूनी दर्जा दिया जाए।

तीन बड़ी कमजोरियां उजागर

परामर्श प्रक्रिया से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मनमोहन सिंह सरकार के समय बनाए गए विकास से जुड़े अधिकार कानूनों में तीन बड़ी कमियां सामने आई हैं:

  1. हर बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा नहीं पहुंच पाई।
  2. खाद्य सुरक्षा का लाभ सभी पात्र परिवारों तक नहीं पहुंच सका।
  3. लाभार्थियों की पहचान और पंजीकरण की प्रक्रिया अधूरी रही।

प्रधानमंत्री का निर्देश: 100 प्रतिशत लाभार्थी पंजीकरण

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी योजनाओं में 100 प्रतिशत लाभार्थियों का पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए।

मनरेगा के बाद नए कानून का आगाज

संसद के शीतकालीन सत्र में मनरेगा की जगह ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ यानी वीबी-जी राम जी बिल पास किया गया था, जिसे दिसंबर 2025 में राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद कानून का दर्जा मिला।

पांच प्रमुख क्षेत्रों में सुधार की तैयारी

सरकार अब शिक्षा, खाद्य सुरक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य और आवास इन पांच अहम क्षेत्रों को लेकर तीन प्रमुख लक्ष्यों पर आगे बढ़ रही है:

  1. योजनाओं की पूरी कवरेज के लिए समय-सीमा तय करना।
  2. डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए रियल टाइम मॉनिटरिंग (Real Time Monitring) सुनिश्चित करना।
  3. हर लाभार्थी की पहचान और पंजीकरण के लिए राष्ट्रव्यापी अभियान चलाना।

Read More : 70 साल की हुई मायावती, बोलीं–ब्राह्मणों को किसी का चोखा-बाटी नहीं चाहिए

विरोध के बावजूद सरकार का आगे बढ़ना

मनरेगा के नए कानून को लेकर विपक्ष ने विरोध किया था, खासकर महात्मा गांधी का नाम हटाने को लेकर। इसके बावजूद सरकार अपने एजेंडे पर आगे बढ़ती दिख रही है और अब शिक्षा व खाद्य सुरक्षा कानूनों में सुधार की दिशा में कदम तेज हो गए हैं।

Read More :

Anuj Kumar

लेखक परिचय

Anuj Kumar

सूचना : इस वेबसाइट पर प्रकाशित खबरें केवल पाठकों की जानकारी के उद्देश्य से दी जाती हैं। हम अपनी ओर से यथासंभव सही और सटीक जानकारी प्रदान करने का प्रयास करते हैं।