नई दिल्ली । केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (Dharmendra Pradhan) ने मंगलवार को राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (NCERT) द्वारा मौजूदा शैक्षणिक सत्र के लिए प्रकाशित पाठ्यपुस्तकों की उपलब्धता, छपाई और वितरण की समीक्षा की। मंत्रालय में आयोजित इस बैठक में उन्होंने परिषद की तैयारियों का जायजा लेते हुए राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में स्टॉक की स्थिति का आकलन किया। साथ ही राज्यों के अधिकारियों और वितरण एजेंसियों के साथ समन्वय की स्थिति को भी परखा गया।
ग्रामीण क्षेत्रों पर विशेष फोकस
शिक्षा मंत्रालय ने बताया कि इस बैठक का मुख्य उद्देश्य देश के ग्रामीण और दूर-दराज़ क्षेत्रों के छात्रों तक समय पर पुस्तकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना था।
वरिष्ठ अधिकारियों की रही मौजूदगी
बैठक में स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग के सचिव संजय कुमार समेत मंत्रालय और एनसीईआरटी के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
आपूर्ति व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश
केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी छात्र को पुस्तकों की देरी के कारण असुविधा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत रखने, जरूरत पड़ने पर मुद्रण क्षमता बढ़ाने और अंतिम छोर तक वितरण सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।
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डिजिटल माध्यम से भी पढ़ाई जारी
प्रधान ने यह भी कहा कि जब तक सभी छात्रों तक किताबों की भौतिक प्रतियां नहीं पहुंच जातीं, तब तक निर्बाध पढ़ाई के लिए ‘ई-पाठशाला’ के माध्यम से डिजिटल पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराई जा रही हैं।
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