PM Modi- परीक्षा पे चर्चा- पीएम मोदी ने छात्रों को दिया आत्मविश्वास का संदेश

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परीक्षा पे चर्चा
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नई दिल्ली,। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम (Exam discussion program) के माध्यम से देशभर के छात्रों को तनावमुक्त रहने और बेहतर प्रदर्शन करने का एक बेशकीमती मंत्र साझा किया है। उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि वे दूसरों के दबाव में आने के बजाय अपनी पढ़ाई और खुद के पैटर्न (तरीके) पर भरोसा करें। प्रधानमंत्री (PM) ने स्पष्ट किया कि दूसरों की सलाह सुनना बुरा नहीं है, लेकिन अपना तरीका तभी बदलना चाहिए जब व्यक्ति स्वयं इसके लिए मानसिक रूप से तैयार हो।

छात्रों की दुविधा पर प्रधानमंत्री से सीधा सवाल

कार्यक्रम के दौरान “आपकी शैली, आपकी गति” विषय पर चर्चा करते हुए गुजरात (Gujrat) की एक छात्रा ने अपनी दुविधा प्रधानमंत्री के सामने रखी। छात्रा का सवाल था कि परीक्षा के समय अक्सर शिक्षक एक अलग पद्धति से पढ़ने का सुझाव देते हैं और अभिभावक किसी दूसरे तरीके पर जोर देते हैं, जबकि छात्र की अपनी एक अलग कार्यशैली होती है। ऐसे में छात्र असमंजस की स्थिति में आ जाते हैं।

जीवनभर चलता है अपनी शैली को लेकर संघर्ष: पीएम मोदी

इस जटिल सवाल का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पैटर्न का यह संघर्ष केवल स्कूली जीवन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवनभर चलता है। उन्होंने अपना उदाहरण देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री बनने के बाद भी कई लोग उन्हें काम करने के अलग-अलग तरीके सुझाते हैं, लेकिन हर व्यक्ति की अपनी एक विशिष्ट शैली होती है, जो उसे सहज बनाती है।

खाने की थाली से पढ़ाई तक, उदाहरण देकर समझाया मंत्र

प्रधानमंत्री ने एक व्यावहारिक उदाहरण देते हुए समझाया कि जैसे एक साथ खाना खाते समय हर व्यक्ति का तरीका अलग होता है—कोई दाल से शुरुआत करता है तो कोई सब्जी से—और अपनी पसंद के अनुसार खाने में ही उसे आनंद आता है। ठीक वैसे ही, कुछ छात्र सुबह जल्दी उठकर बेहतर पढ़ाई करते हैं, तो कुछ को देर रात तक पढ़ना पसंद होता है।

सलाह अपनाएं, लेकिन थोपे जाने पर नहीं

उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा, “आपकी अपनी जो शैली है, उसी पर भरोसा रखें। यदि किसी की सलाह से आपको वास्तविक लाभ महसूस होता है, तभी उसे अपनाएं।” इसे किसी के दबाव में नहीं, बल्कि अपने अनुभव के आधार पर जीवन में शामिल करना चाहिए।

परीक्षा पे चर्चा का उद्देश्य आज भी वही

प्रधानमंत्री ने इस वार्षिक संवाद कार्यक्रम के विकास का उल्लेख करते हुए कहा कि समय के साथ परीक्षा पे चर्चा के स्वरूप में कई बदलाव किए गए हैं, लेकिन इसका मूल उद्देश्य कभी नहीं बदला।

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छात्रा ने जताई खुशी, पीएम के स्वभाव की की तारीफ

कार्यक्रम के अंत में छात्रा ने खुशी जताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री का स्वभाव बेहद मिलनसार था और उनकी सीख से यह स्पष्ट हो गया कि हमें दूसरों के अच्छे गुणों को अपनाना चाहिए, लेकिन ध्यान हमेशा अपनी क्षमताओं और शैली पर ही केंद्रित रखना चाहिए।

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Anuj Kumar

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Anuj Kumar

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