फतेहगढ़ साहिब। अमृतसर से सहरसा जा रही गरीब रथ एक्सप्रेस (Garib Rath Express Train) में शनिवार सुबह बड़ा हादसा टल गया। सरहिंद रेलवे स्टेशन से निकलने के कुछ ही देर बाद ट्रेन में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने तीन डिब्बों (Three Coach) को अपनी चपेट में ले लिया। मौके पर यात्रियों में भगदड़ मच गई, लेकिन रेलकर्मियों की सूझबूझ से सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
सरहिंद स्टेशन से रवाना होते ही दिखा धुआं
जानकारी के अनुसार, ट्रेन संख्या 12204 गरीब रथ एक्सप्रेस जैसे ही सरहिंद रेलवे स्टेशन से अंबाला (Ambala) की ओर रवाना हुई और लगभग आधा किलोमीटर की दूरी तय की, तभी यात्रियों ने एक डिब्बे से धुआं निकलता देखा। तुरंत इसकी सूचना लोको पायलट को दी गई, जिसके बाद ट्रेन को तुरंत रोक दिया गया।
तीन डिब्बों में फैली लपटें
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग इतनी तेजी से फैली कि तीन जनरल कोच पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। यात्रियों को सुरक्षित निकालने के बाद रेलवे कर्मियों और स्थानीय फायर ब्रिगेड की टीमों ने आग पर काबू पाया। आग बुझाने के लिए दमकल की कई गाड़ियां मौके पर भेजी गईं।
जीआरपी ने दी जानकारी
सरहिंद जीआरपी के एसएचओ रतन लाल ने बताया कि ट्रेन के एक डिब्बे से धुआं निकलता देखा गया था, जिसके बाद तत्काल ट्रेन को रोक दिया गया। “सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। आग से तीन डिब्बे क्षतिग्रस्त हुए हैं,” उन्होंने कहा।
रेल मंत्रालय ने दी सफाई
रेल मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि शनिवार सुबह पंजाब के सरहिंद स्टेशन के पास अमृतसर-सहरसा गरीब रथ एक्सप्रेस के एक डिब्बे में आग लगने की सूचना मिली थी। तुरंत राहत कार्य शुरू किए गए और आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि घटना में किसी भी यात्री को चोट नहीं आई है और सभी को सुरक्षित गंतव्य की ओर रवाना किया गया है।
जांच में जुटी रेल प्रशासन
रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटना की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक रूप से माना जा रहा है कि आग शॉर्ट सर्किट या किसी तकनीकी खराबी के कारण लगी होगी, हालांकि सही कारण जांच रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा।
यात्रियों में दहशत, लेकिन बड़ा हादसा टला
सुबह-सुबह हुए इस हादसे से यात्रियों में भारी अफरातफरी मच गई थी। कई यात्री अपने परिजनों को फोन कर सुरक्षित होने की सूचना देते दिखाई दिए। अधिकारियों के अनुसार, त्वरित कार्रवाई और यात्रियों की सतर्कता से बड़ा हादसा टल गया।
गरीब रथ ट्रेन कब शुरू हुई थी?
“गरीब” शब्द का अर्थ गरीब और “रथ” का अर्थ संस्कृत में रथ होता है। इस सेवा की पहली शुरुआत 5 अक्टूबर 2006 को तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने सहरसा-अमृतसर के बीच गरीब रथ एक्सप्रेस ट्रेन चलाकर की थी।
गरीब रथ क्यों बंद है?
हाल के महीनों में यात्रियों और रेलवे अधिकारियों की शिकायतों की बढ़ती संख्या को देखते हुए रेलवे बोर्ड ने निर्देश दिया है कि पूर्ववर्ती आईसीएफ द्वारा डिजाइन किए गए गरीब रथ एक्सप्रेस कोचों को तत्काल प्रभाव से यात्री सेवा से हटा दिया जाए
Read More :