नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में लगातार नौवीं बार केंद्रीय बजट (Central Budget) पेश कर भारतीय राजनीति और अर्थव्यवस्था के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ा। अपने बजट भाषण की शुरुआत में उन्होंने साफ किया कि सरकार की नीतियों का मूल आधार आत्मनिर्भर भारत है। उनके मुताबिक, इसी विजन के चलते देश की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता में बड़ा उछाल आया है और आम नागरिकों के जीवन स्तर में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है।
7 प्रतिशत विकास दर पर सरकार का भरोसा
वित्त मंत्री ने कहा कि निरंतर किए गए संरचनात्मक सुधारों का ही नतीजा है कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत लगभग 7 प्रतिशत की विकास दर बनाए रखने में सफल रहा है। आत्मनिर्भरता को मार्गदर्शक मानते हुए घरेलू विनिर्माण और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत किया गया, जिससे जरूरी आयातों पर निर्भरता में उल्लेखनीय कमी आई है। इसे उन्होंने भविष्य के सशक्त भारत की मजबूत नींव बताया।
भारत को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने का संकल्प
बजट 2026-27 के जरिए सरकार ने भारत को वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनाने का स्पष्ट रोडमैप रखा है। वित्त मंत्री ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में लिए गए ठोस और दूरदर्शी फैसलों की बदौलत आज भारतीय अर्थव्यवस्था स्थिरता, वित्तीय अनुशासन और नियंत्रित महंगाई के दौर में है।
भविष्य की तकनीक और डिजिटल संप्रभुता पर जोर
इस बजट का अहम फोकस भविष्य की तकनीक और डिजिटल संप्रभुता है। वित्त मंत्री ने इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 (India Semicondutor Mission) की घोषणा करते हुए कहा कि भारत अब सिर्फ चिप्स का उपभोक्ता नहीं, बल्कि उत्पादक बनने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है। इसके तहत उद्योग आधारित अनुसंधान और प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जिससे कुशल तकनीकी कार्यबल तैयार हो सके।
रेयर-अर्थ कॉरिडोर से खनिज सुरक्षा मजबूत
ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में रेयर-अर्थ मिनरल के डेडिकेटेड कॉरिडोर (Dedicated Corridor) बनाने का प्रस्ताव भी बजट का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा। इससे खनिज सुरक्षा मजबूत होगी और देश में अत्याधुनिक ऊर्जा उपकरणों के निर्माण को बढ़ावा मिलेगा।
छह प्रमुख क्षेत्रों में व्यापक सुधारों का प्रस्ताव
आर्थिक विकास को गति देने के लिए सरकार ने छह प्रमुख क्षेत्रों में सुधारों का प्रस्ताव रखा है। इसमें पुराने औद्योगिक क्षेत्रों का कायाकल्प, एमएसएमई को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना, सात रणनीतिक क्षेत्रों में उत्पादन बढ़ाना, शहरी आर्थिक क्षेत्रों का विकास और मजबूत बुनियादी ढांचा तैयार करना शामिल है।
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समावेशी विकास और सामाजिक न्याय पर फोकस
बजट भाषण के अंत में वित्त मंत्री ने सामाजिक न्याय और समावेशी विकास पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कृषि उत्पादकता बढ़ाने और आम परिवारों की क्रय शक्ति में सुधार से गरीबी उन्मूलन की दिशा में ठोस प्रगति हुई है। यह बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि भारत को आत्मनिर्भर, सुरक्षित और समृद्ध बनाने का एक दूरगामी रोडमैप है।
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