తెలుగు | Epaper

Republic Day- गणतंत्र दिवस पर विदेशी मुख्य अतिथि, परंपरा, इतिहास और महत्व

Anuj Kumar
Anuj Kumar
Republic Day- गणतंत्र दिवस पर विदेशी मुख्य अतिथि, परंपरा, इतिहास और महत्व

नई दिल्ली। । हर साल 26 जनवरी के मौके पर कर्तव्य पथ पर भव्य परेड का आयोजन होता है। इस दिन कर्तव्य पथ पर लोगों की नजरें केवल सुंदर झांकियों पर ही नहीं, बल्कि पूरे कार्यक्रम की शान माने जाने वाले विदेशी मुख्य अतिथि पर भी टिकी रहती हैं।

गणतंत्र दिवस (Repulic Day) के मौके पर भारत में आज़ादी के बाद से ही विदेशी मुख्य अतिथि को बुलाने की परंपरा रही है। इन अतिथियों का चयन भारत की आर्थिक, सामरिक और भू-राजनीतिक हितों को ध्यान में रखकर किया जाता है। उनकी उपस्थिति भारत और संबंधित देश के बीच संबंधों को नई मजबूती देती है।

कब से शुरू हुई विदेशी मुख्य अतिथि की परंपरा

भारत में गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि को आमंत्रित करने की परंपरा 26 जनवरी 1950 से शुरू हुई। इसी दिन भारत का संविधान लागू हुआ और देश को गणराज्य (Ganrajya) घोषित किया गया। भारत उस समय दुनिया को यह संदेश देना चाहता था कि वह एक स्वतंत्र, संप्रभु और लोकतांत्रिक राष्ट्र है। इसी उद्देश्य से गणतंत्र दिवस समारोह को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप देने के लिए विदेशी मुख्य अतिथि को बुलाने की शुरुआत की गई।

पहले मुख्य अतिथि कौन थे

गणतंत्र दिवस के मौके पर पहली बार इंडोनेशिया के राष्ट्रपति डॉ. सुकर्णो को भारत ने मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया था। इंडोनेशिया को इसलिए चुना गया क्योंकि वह भी उपनिवेशवाद से आज़ादी हासिल कर चुका था और भारत व इंडोनेशिया एशिया में आपसी सहयोगी माने जाते थे। यह चयन भारत की एशियाई एकजुटता और नवोदित देशों के साथ मित्रता का प्रतीक था।

77वें गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि क्यों हैं खास

इस वर्ष का गणतंत्र दिवस भारत के लिए कूटनीतिक दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है। भारत ने अपने 77वें गणतंत्र दिवस के लिए यूरोपीय संघ से दो शीर्ष नेताओं को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया है। इस साल यूरोपियन यूनियन की प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपियन काउंसिल (Uropian Council) के प्रेसिडेंट एंटोनियो कोस्टा को न्योता दिया गया है।

कौन हैं उर्सुला वॉन डेर लेयेन और एंटोनियो कोस्टा

उर्सुला वॉन डेर लेयेन यूरोपियन कमीशन की अध्यक्ष हैं और यूरोपीय संघ की नीतियों एवं प्रशासनिक कार्यों की प्रमुख प्रतिनिधि मानी जाती हैं। वहीं, एंटोनियो कोस्टा यूरोपियन काउंसिल के अध्यक्ष हैं और यूरोपीय संघ की उच्चस्तरीय बैठकों व शिखर सम्मेलनों की अध्यक्षता करते हैं।

पिछले 10 वर्षों के गणतंत्र दिवस मुख्य अतिथि

सालदेश/संस्थामुख्य अतिथि
2026यूरोपीय संघउर्सुला वॉन डेर लेयेन, एंटोनियो कोस्टा
2025इंडोनेशियाराष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो
2024फ्रांसराष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रोन
2023मिस्रराष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी
2022कोई मुख्य अतिथि नहीं (कोविड)
2021यूनाइटेड किंगडमपीएम बोरिस जॉनसन
2020ब्राजीलराष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो
2019दक्षिण अफ्रीकाराष्ट्रपति सिरिल रामफोसा
2018आसियान10 आसियान देशों के नेता
2017यूएईक्राउन प्रिंस शेख मोहम्मद बिन जायद

Read More :

दिल्ली में बारिश से राहत, 7 साल की रिकॉर्ड गर्मी टूटी

दिल्ली में बारिश से राहत, 7 साल की रिकॉर्ड गर्मी टूटी

सोना सस्ता हुआ? चांदी भी गिरी? जानिए आज के रेट

सोना सस्ता हुआ? चांदी भी गिरी? जानिए आज के रेट

पता नहीं बदला तो चालान? जानिए आसान तरीका

पता नहीं बदला तो चालान? जानिए आसान तरीका

विजय–कमल को चुनाव चिन्ह मिले.. अब सियासत बदलेगी?

विजय–कमल को चुनाव चिन्ह मिले.. अब सियासत बदलेगी?

स्टील प्लांट में विस्फोट, सात मजदूर जिंदा जले!

स्टील प्लांट में विस्फोट, सात मजदूर जिंदा जले!

अनंत अंबानी की घड़ी की कीमत जानकर रह जाएंगे दंग!

अनंत अंबानी की घड़ी की कीमत जानकर रह जाएंगे दंग!

गुजरात-सांसद शक्ति सिंह के भतीजे ने पत्नी को गोली मारी

गुजरात-सांसद शक्ति सिंह के भतीजे ने पत्नी को गोली मारी

सेना की गाड़ी 400 फीट गहरी खाई में गिरी

सेना की गाड़ी 400 फीट गहरी खाई में गिरी

संतों की संपत्ति पर सीएम योगी का सख्त बयान

संतों की संपत्ति पर सीएम योगी का सख्त बयान

महाराष्ट्र में महिलाओं का बढ़ता सियासी दबदबा

महाराष्ट्र में महिलाओं का बढ़ता सियासी दबदबा

Delhi- हवाई शक्ति मजबूत करने का सही वक्त, रणनीतिक साझेदारी जरूरी-वायु सेना प्रमुख

Delhi- हवाई शक्ति मजबूत करने का सही वक्त, रणनीतिक साझेदारी जरूरी-वायु सेना प्रमुख

अब यूपी के गांवों में ही मिलेंगी आधार से जुड़ी सेवाएं

अब यूपी के गांवों में ही मिलेंगी आधार से जुड़ी सेवाएं

📢 For Advertisement Booking: 98481 12870