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National- बसों में आग की घटनाओं पर सरकार सख्त, गडकरी ने दिए नए सुरक्षा निर्देश

Author Icon By Anuj Kumar
Updated: May 15, 2026 • 11:54 AM
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नई दिल्ली । देशभर में बसों में आग लगने और सड़क हादसों की बढ़ती घटनाओं के बीच केंद्र सरकार ने यात्रियों की सुरक्षा को लेकर बड़ा फैसला लिया है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री (Nitin Gadkari) ने कहा कि आने वाले समय में भारत में यूरोप और अमेरिका (America) की तर्ज पर अत्याधुनिक सुरक्षा सुविधाओं से लैस बसें तैयार की जाएंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि नए सुरक्षा मानक केवल नई बसों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि पुरानी बसों में भी इन्हें अनिवार्य रूप से लागू किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य सड़क हादसों में होने वाली जनहानि को कम करना और बस यात्राओं को अधिक सुरक्षित बनाना है।

मौजूदा बसों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

केंद्रीय मंत्री ने माना कि वर्तमान में देश की कई बसों का डिज़ाइन सुरक्षा के लिहाज से कमजोर है। हादसे के दौरान यात्रियों को बाहर निकलने में काफी दिक्कत होती है, क्योंकि कई बसों के इमरजेंसी दरवाजे जाम हो जाते हैं या उनमें अवरोध लगे होते हैं। गडकरी ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर की बसों में बड़े इमरजेंसी ग्लास और विशेष प्लास्टिक हथौड़े उपलब्ध होते हैं, जिससे यात्री शीशा तोड़कर तुरंत बाहर निकल सकते हैं। अब भारत में बनने वाली बसों में भी ऐसे फीचर्स अनिवार्य किए जाएंगे।

नए नियमों में मिलेंगी हाईटेक सुविधाएं

सरकार द्वारा तैयार किए जा रहे नए सुरक्षा मानकों में बेहतर इमरजेंसी एग्जिट, सीट बेल्ट, आधुनिक फायर सेफ्टी सिस्टम, इमरजेंसी लाइट और ड्राइवर की नींद पहचानने वाले सेंसर शामिल होंगे। इसके अलावा नई स्लीपर बसों का निर्माण केवल अधिकृत फैक्ट्रियों में ही किया जा सकेगा। बिना फायर सेफ्टी जांच के किसी भी बस का पंजीकरण नहीं होगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसमें जेल की सजा तक का प्रावधान रखा गया है।

हालिया हादसों ने बढ़ाई चिंता

पिछले कुछ महीनों में देश के कई हिस्सों में बसों में आग लगने की दर्दनाक घटनाएं सामने आई हैं। मध्य प्रदेश के इंदौर में पार्किंग में खड़ी बसों में आग लगने और राजस्थान के उदयपुर में चलती स्लीपर बस के आग का गोला बनने जैसी घटनाओं ने यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार शॉर्ट सर्किट, इंजन का अत्यधिक गर्म होना, डीजल रिसाव, एसी सिस्टम में खराबी, अवैध गैस सिलेंडर और हाई-टेंशन तारों के संपर्क में आना ऐसे हादसों की प्रमुख वजहें हैं।

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सुरक्षित और भरोसेमंद यात्रा पर जोर

केंद्र सरकार को उम्मीद है कि नए सुरक्षा नियम लागू होने के बाद बस यात्राएं पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद बनेंगी। सरकार का मानना है कि तकनीक आधारित सुरक्षा उपायों से हादसों के दौरान यात्रियों की जान बचाने में बड़ी मदद मिलेगी।

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