National- रूसी तेल सप्लाई पर संकट, भारत में बढ़ सकती है पेट्रोल-डीजल की परेशानी

Read Time:  1 min
रूसी तेल सप्लाई
रूसी तेल सप्लाई
FONT SIZE
GET APP

नई दिल्ली,। रूस से कच्चे तेल के आयात को लेकर भारत की चिंता बढ़ गई है। अमेरिका (America) द्वारा दी गई विशेष छूट की समय सीमा 16 मई की रात 12:01 बजे समाप्त होने जा रही है। ऐसे में भारत ने एक बार फिर वॉशिंगटन (washington) से इस छूट को आगे बढ़ाने की अपील की है। वैश्विक स्तर पर पहले से ही स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में जारी तनाव और तेल आपूर्ति में बाधा के कारण बाजार दबाव में है। ऐसे समय में रूसी तेल पर संभावित सख्ती भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है।

मार्च में दी गई थी विशेष छूट

मार्च में अमेरिका ने सीमित अवधि के लिए विशेष व्यवस्था लागू की थी, ताकि वैश्विक बाजार में अतिरिक्त कच्चे तेल की आपूर्ति बनी रहे और कीमतों में अस्थिरता कम हो सके।हालांकि रूस पर पूर्ण प्रतिबंध लागू नहीं है, लेकिन यूक्रेन युद्ध के बाद अमेरिका लगातार भारत पर रूसी तेल की खरीद कम करने का दबाव बना रहा है। भारतीय अधिकारियों ने साफ कहा है कि मौजूदा वैश्विक संकट के बीच देश की ऊर्जा सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

भारतीय रिफाइनरियों ने बढ़ाई खरीद

छूट समाप्त होने की आशंका के बीच भारतीय रिफाइनरी कंपनियों ने रूस से तेल खरीद में तेजी ला दी है। आंकड़ों के मुताबिक मई महीने में रूस से भारत का कच्चे तेल का आयात रिकॉर्ड 23 लाख बैरल प्रतिदिन तक पहुंच गया है।हालांकि भारत ने उन रूसी एलएनजी कार्गो को स्वीकार करने से इनकार कर दिया है, जो सीधे अमेरिकी प्रतिबंधों के दायरे में आते हैं। इसके कारण एक शिपमेंट फिलहाल सिंगापुर के पास फंसा हुआ बताया जा रहा है।

सरकार ने कहा- ईंधन की कमी नहीं

आपूर्ति संकट की आशंकाओं के बीच केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री Hardeep Singh Puri ने देशवासियों को भरोसा दिलाया है कि फिलहाल ईंधन की कोई कमी नहीं है।सरकार के अनुसार देश के पास करीब 69 दिनों का एलएनजी और 45 दिनों का एलपीजी भंडार उपलब्ध है। इसके अलावा संभावित संकट को देखते हुए एलपीजी का दैनिक उत्पादन 36 हजार टन से बढ़ाकर 54 हजार टन कर दिया गया है।

अन्य पढ़े: Entertainment- मां बनना हर महिला के जीवन का सबसे खूबसूरत पल : दीपिका सिंह

जून में हो सकती है अहम वार्ता

ऊर्जा सुरक्षा और तेल आपूर्ति को लेकर भारत और रूस के बीच बातचीत जारी है। जून महीने में रूसी उप ऊर्जा मंत्री और भारतीय पेट्रोलियम मंत्री के बीच फिर से वार्ता होने की संभावना जताई जा रही है।सरकार का कहना है कि वह अंतरराष्ट्रीय हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है और घरेलू बाजार में ईंधन आपूर्ति सुचारु बनाए रखने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

Read More :

Anuj Kumar

लेखक परिचय

Anuj Kumar

सूचना : इस वेबसाइट पर प्रकाशित खबरें केवल पाठकों की जानकारी के उद्देश्य से दी जाती हैं। हम अपनी ओर से यथासंभव सही और सटीक जानकारी प्रदान करने का प्रयास करते हैं।