महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले के वर्दादी गांव की घटना है. बेटी की शादी की खुशियां उस समय मातम में बदल गईं, जब विदाई के दौरान पिता को दिल का दौरा पड़ गया. अस्पताल ले जाने से पहले ही उनकी मौत हो गई।
महाराष्ट्र से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है, जहाँ बेटी की शादी (Marriage) के बाद विदाई के समय पिता को दिल का दौरा पड़ गया। अचानक हुई इस घटना ने खुशी के माहौल को गम में बदल दिया। शादी के बाद जब बेटी अपने ससुराल के लिए विदा हो रही थी, उस समय परिवार में भावनात्मक माहौल था। परंपरागत रस्मों के दौरान हर कोई भावुक हो गया था।
Buldhana Heart attack During Wedding: जिस घर में कुछ समय पहले तक शहनाइयों की गूंज, मेहमानों की रौनक और खुशियों का माहौल था, वहां अब कोहराम मचा है. शादी के बाद बेटी की विदाई के दौरान पिता को दिल का दौरा पड़ा और मौत हो गई. ये घटना महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले (Buldhana District) में वर्दादी गांव की है. मृतक की पहचान कुरुमदास कुंडलीक भूटेकर (50) के रूप में हुई है।
कुरुमदास की बेटी नंदिनी की शादी जालना जिले के मंथा निवासी प्रदीप नानोटे से तय हुई थी. गुरुवार शाम गांव में बड़े धूमधाम से विवाह समारोह आयोजित किया गया था. रिश्तेदारों और मेहमानों की मौजूदगी में शादी की रस्में पूरी की जा रही थीं।
अचानक सीने में तेज दर्द उठा
विवाह की मुख्य रस्में पूरी होने के बाद विदाई की तैयारियां चल रही थीं. इसी दौरान कुरुमदास अपनी बेटी का हाथ दूल्हे के परिवार को सौंप रहे थे. तभी अचानक उनके सीने में तेज दर्द उठा और वे विवाह मंडप में ही गिर पड़े. शुरुआत में लोगों को लगा कि वे थकान के कारण बेहोश हुए हैं. परिवार के सदस्य और रिश्तेदार तुरंत उन्हें संभालने में जुट गए।
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इसके बाद आनन-फानन में उन्हें पास के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो चुकी थी. डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया. यह खबर मिलते ही शादी की खुशियां पलभर में मातम में बदल गईं. कुछ देर पहले तक खुशी से झूम रहे दूल्हा-दुल्हन और परिवार के लोग इस घटना से स्तब्ध रह गए।
दिसंबर में बाईपास सर्जरी हुई थी
परिजनों के अनुसार कुरुमदास भूटेकर पिछले कुछ समय से हार्ट संबंधी बीमारी से जूझ रहे थे. दिसंबर महीने में उनकी बाईपास सर्जरी भी हुई थी. डॉक्टरों ने उन्हें अधिक तनाव और थकान से बचने की सलाह दी थी, बेटी की शादी उनका सबसे बड़ा सपना था।
घटना की खबर पूरे इलाके में तेजी से फैल गई. जिस घर से बेटी की विदाई होनी थी, वहीं अब पिता की अंतिम यात्रा की तैयारी होने लगी. गांव के लोगों की आंखें नम हो गईं. सरपंच रविंद्र नागरे ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटना है. एक पिता अपनी बेटी को विदा करते समय इतना भावुक हो गया कि उसका दिल यह सदमा सहन नहीं कर पाया. इस घटना ने शादी की खुशियों को गहरे शोक में बदल दिया।
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