नई दिल्ली। घरेलू और वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों के बीच भारत और फ्रांस की वायुसेनाओं ने सफलता के साथ गरुड़ युद्धाभ्यास-2025 पूरा कर लिया है। इस वर्ष इसका आठवां संस्करण आयोजित किया गया था।दोनों मित्र देशों की वायुसेनाओं ने अपनी युद्धक हवाई क्षमता (Air capability) का शानदार अंदाज में प्रदर्शन किया। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि 27 नवंबर को गरुड़ युद्धाभ्यास की शुरुआत हुई थी और बीते 2 दिसंबर को वायुसेना का दल स्वदेश लौटा।
भारतीय वायुसेना की प्रमुख भागीदारी
इस बार अभ्यास में भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) के अग्रिम पंक्ति के लड़ाकू विमान सुखोई-30-एमकेआई ने हवा में ईंधन भरने में सक्षम आईएल-76 और विशालकाय परिवहन विमान सी-17 ग्लोबमास्टर-3 के साथ भाग लिया।
जटिल हवाई अभियानों की जांच
भारत और फ्रांस की वायुसेनाओं ने युद्धाभ्यास के दौरान एक वास्तविक रणनीतिक माहौल में संयुक्त मिशन योजना, समन्वय, हमला और एस्कॉर्ट मिशन जैसी गतिविधियों का परीक्षण किया।
अनुभव और पेशेवराना आदान-प्रदान
गरुड़ अभ्यास में दोनों देशों की वायुसेनाओं ने एक-दूसरे के अनुभव और श्रेष्ठ प्रथाओं को साझा किया। समापन समारोह में वरिष्ठ अधिकारियों ने अभ्यास में शामिल टुकड़ियों के पेशेवराना अंदाज, समर्पण और अनुशासन की सराहना की।
रणनीतिक साझेदारी और भविष्य की तैयारी
यह अभ्यास भारत की फ्रांस (France) के साथ मजबूत रणनीतिक साझेदारी को दोहराने और भविष्य के युद्ध जैसे परिदृश्य से जुड़ी क्षमता मजबूत करने का अवसर प्रदान करता है। अभ्यास से मिली सीख से दोनों देशों की वायुसेनाओं के बीच संबंध और प्रगाढ़ होंगे।
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