कानपुर । उत्तर प्रदेश के औद्योगिक शहर कानपुर (City Kanpur) में पुलिस ने बड़ी और चौंकाने वाली कार्रवाई करते हुए इंटरनेशनल सट्टेबाजी, अवैध शेयर ट्रेडिंग और हवाला लेनदेन से जुड़े एक संगठित सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने करीब 2 करोड़ रुपये नकद, लगभग 61.86 किलोग्राम चांदी (बाजार कीमत करीब 2 करोड़ रुपये) के अलावा बड़ी संख्या में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और भारतीय व नेपाली मुद्रा बरामद की है। मामले में अब तक पांच लोगों को हिरासत में लिया गया है।
खुफिया इनपुट पर देर रात छापेमारी
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक यह कार्रवाई खुफिया सूचनाओं के आधार पर की गई। स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने कलेक्टरगंज थाना क्षेत्र के धनकुट्टी इलाके में स्थित रामकांत गुप्ता के आवास पर देर रात छापेमारी की।
नकदी और चांदी देख दंग रह गए अधिकारी
तलाशी के दौरान चांदी के बिस्किट, भारी मात्रा में कैश, कंप्यूटर, लैपटॉप, मॉडेम, मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरण बरामद किए गए। मौके पर मिली नकदी और चांदी की बड़ी खेप देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए।
नेपाली करेंसी भी बरामद, अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की जांच
अपर पुलिस उपायुक्त (ADCP) सुमित सुधाकर रामटेके ने बताया कि छापेमारी के दौरान भारतीय मुद्रा के साथ-साथ नेपाली करेंसी भी मिली है। विदेशी मुद्रा का स्रोत और उसके उपयोग की गहन जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में नेटवर्क के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय होने के संकेत मिले हैं।
पांच आरोपी हिरासत में, अलग-अलग भूमिकाएं उजागर
पुलिस ने मौके से रामकांत गुप्ता, राहुल जैन, शिवम त्रिपाठी, सचिन गुप्ता और वंशराज को हिरासत में लिया है। ये सभी कानपुर के अलग-अलग इलाकों के निवासी बताए जा रहे हैं। पुलिस के अनुसार, कोई सट्टेबाजी संभाल रहा था तो कोई हवाला और अवैध शेयर ट्रेडिंग का काम देख रहा था।
पुलिस कमिश्नर ने संभाली कमान
कार्रवाई की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल स्वयं मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पूरे मामले की जांच पारदर्शिता और सख्ती के साथ की जाए।
आगरा के कुख्यात बुकी से जुड़े हो सकते हैं तार
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि शुरुआती जांच में आरोपी लंबे समय से क्रिकेट सट्टेबाजी, हवाला लेनदेन और अवैध शेयर ट्रेडिंग में सक्रिय थे। आगरा के एक कुख्यात अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट बुकी, जो हिस्ट्री-शीटर बताया जा रहा है, के साथ इनके संबंधों की भी जांच की जा रही है।
फॉरेंसिक जांच और पूछताछ जारी
पुलिस के अनुसार, लंबे समय से मिल रहे इनपुट्स के आधार पर निगरानी बढ़ाई गई थी। फिलहाल बरामद सभी साक्ष्यों की फॉरेंसिक और तकनीकी जांच की जा रही है। हिरासत में लिए गए आरोपियों से पूछताछ कर नेटवर्क के अन्य सदस्यों, पैसों के लेनदेन और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की जानकारी जुटाई जा रही है।
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पूरे प्रदेश तक फैले नेटवर्क की आशंका
पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह मामला न केवल कानपुर बल्कि पूरे प्रदेश में फैले काले धन, सट्टेबाजी और हवाला कारोबार से जुड़ा हो सकता है।
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