Israel vs Iran: इस्राइल में नेताओं को मिलीं धमकियां

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ईरान में टीवी प्रसारण हैक किया गया

हाल ही में ईरान में टेलीविजन नेटवर्क को हैक कर लिया गया। रिपोर्ट्स के अनुसार, हैकर्स ने सरकारी चैनलों के प्रसारण को बाधित किया और विरोधाभासी वीडियो व संदेशों के ज़रिए जनता में असंतोष फैलाने की कोशिश की।

  • सरकारी चैनल पर उग्र संदेश: प्रसारण के दौरान सरकार विरोधी नारे और वीडियो क्लिप्स दिखाए गए।
  • साइबर हमले के पीछे विदेशी हाथ?: ईरानी सुरक्षा एजेंसियों का आरोप है कि यह हमला “विदेशी ताकतों” की साज़िश हो सकती है।
  • जनता में भ्रम और डर: टीवी स्क्रीन पर अचानक उभरे संदेशों से लोगों में भय का माहौल बन गया।

इस्राइल (israel) और ईरान (Iran) के बीच सीधा संघर्ष शुरू हुए अब एक हफ्ता हो चुका है। दोनों ही देशों ने लगातार सातवें दिन एक-दूसरे पर हमले जारी रखे। जहां इस्राइल (Israel) ने गुरुवार सुबह ईरान के अरक परमाणु ठिकाने को निशाना बनाने की बात कही तो वहीं ईरान ने सीधे इस्राइल के प्रमुख शहरों को निशाना बनाया और उसकी स्टॉक एक्सचेंज की इमारत को नुकसान पहुंचाया है। इसके अलावा बीरशेबा में एक अस्पताल के भी तबाह होने की खबरें आई हैं। दोनों ही पक्षों की तरफ से इस संघर्ष को रोकने से जुड़ी कोशिशें नजर नहीं आतीं, उल्टा संघर्ष के मैदान से दूर दोनों पक्षों के बीच एक और नई जंग उभर चुकी है। यह है मनोवैज्ञानिक युद्ध, जो कि दोनों ही देश एक-दूसरे के खिलाफ इस्तेमाल कर रहे हैं। 

ऐसे में यह जानना अहम है कि इस्राइल (Israel)और ईरान आखिर किस तरह एक-दूसरे पर सीधे मैदान पर हमले करने के साथ-साथ दूसरे तरीकों से भी एक-दूसरे को नुकसान पहुंचाने की कोशिश में जुटे हैं? दोनों देशों ने किस तरह अपने साई-ऑप्स (Psy-Ops) यानी मनोवैज्ञानिक युद्ध को अंजाम दे रहे हैं? इसमें कौन-कितना आगे है और क्या हासिल हो सकता है?

ईरान में कैसे सूचनाओं की जंग लड़ रहा इस्राइल?

ईरान में बुधवार को टेलीविजन पर चैनलों के प्रसारण के दौरान अचानक ब्रॉडकास्ट से छेड़छाड़ हुई। इसके बाद लोगों को टीवी पर ऐसी सामग्री दिखने लगी, जिसके जरिए लोगों को सुप्रीम लीडर के शासन के खिलाफ आंदोलन के लिए भड़काने की कोशिश की गई। रिपोर्ट्स की मानें तो ईरानी चैनलों पर 2022 के महिला आंदोलनों से जुड़े कुछ पुराने वीडियोज प्रसारित किए गए, जिनमें लोगों को ईरानी शासन के सख्त नियमों के खिलाफ सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करते देखा जा सकता है। यह प्रदर्शन तब ईरान में अपना सिर न ढकने की वजह से ‘नैतिकता पुलिस’ की हिंसा का शिकार हुई म्हासा अमीनी के निधन के बाद शुरू हुए थे।

सरकारी टीवी और दूरसंचार को हैक कर लिया

ईरान के हमशहरी अखबार ने अपने टेलीग्राम चैनल पर टीवी ब्रॉडकास्ट के दौरान हैकिंग के जरिए आंदोलन के वीडियो दिखाने की घटना से जुड़ा एक वीडियो भी साझा किया। इसमें कहा गया कि हैकरों ने ईरान के सरकारी टीवी और दूरसंचार को हैक कर लिया और लोगों से आंदोलन के लिए सड़कों पर उतरने को कहा। इस हैकिंग के बाद जब ईरानी टेलीविजन चैनलों के नियंत्रण वापस हासिल किए गए तब दर्शकों को एक संदेश प्रसारित किया गया- “यहूदी दुश्मनों (इस्राइल) की तरफ से किए साइबर हमलों की वजह से सैटेलाइट ट्रांसमिशन में दिक्कत आई।”

ईरान के इंटरनेट को सैन्य अभियान के लिए इस्तेमाल कर रहा इस्राइल

इस बीच ईरान ने इस्राइल पर मनोवैज्ञानिक युद्ध छेड़ने का आरोप लगाते हुए आम लोगों को मिलने वाले इंटरनेट को सैन्य अभियानों के लिए इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। ईरान ने देश में आम लोगों के इंटरनेट इस्तेमाल पर भी पाबंदी लगाई हैं। ब्रिटेन आधारित ऑनलाइन गतिविधियों पर निगरानी रखने वाले समूह नेटब्लॉक्स के मुताबिक, ईरानी सरकार ने लगभग पूरे देश में इंटरनेट ब्लैकआउट लागू किया है।

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Surekha Bhosle

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Surekha Bhosle

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