वॉल खोलते ही फूटा पानी, इलाके में मचा हड़कंप
इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में नर्मदा जल आपूर्ति लाइन की वॉल खोलते ही अचानक लीकेज सामने आया। तेज दबाव के साथ पानी बाहर निकलने लगा, जिससे आसपास के इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
ड्रेनेज कार्य के दौरान सामने आई समस्या
खुदाई किए गए गड्ढे में भर गया पानी- भागीरथपुरा में ड्रेनेज लाइन (Drainage line) बिछाने के लिए किए गए गड्ढे में नर्मदा लाइन के लीकेज का पानी भर गया। इससे काम कर रहे मजदूरों और स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
इंदौर के भागीरथपुरा (Indore) में दूषित पानी से 20 लोगों की मौत हो चुकी है। 9 मरीज अब भी आईसीयू में भर्ती हैं। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक पूरे मामले में अस्पताल में भर्ती हुए मरीजों की कुल संख्या 437 है। बुधवार रात तक की स्थिति में इनमें से 381 मरीजों को डिस्चार्ज किया जा चुका है। यानी फिलहाल 56 मरीज भर्ती हैं।
ड्रेनेज लाइन का पाइप डाला गया था

ड्रेनेज लाइन के लिए खोदे गए गड्ढे में पानी भर गया
इधर, बुधवार को भागीरथपुरा चौकी के पास बनी टंकी का वॉल खोला गया। इस दौरान सभी हैरान रह गए। दरअसल, दो दिन पहले जहां ड्रेनेज लाइन का पाइप डाला गया था, वहीं से पानी बाहर आने लगा। कुछ ही देर में ड्रेनेज लाइन के लिए खोदे गए गड्ढे में भी पानी भर गया।
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हालांकि, नर्मदा लाइन से आ रहे पानी के इस्तेमाल को लेकर पहले ही क्षेत्र में मुनादी कराई जा चुकी थी। लोगों को साफ तौर पर इस पानी का उपयोग न करने के निर्देश दिए गए हैं। यह प्रक्रिया आगे भी कुछ समय तक जारी रहेगी, जिससे नर्मदा लाइन से दूषित पानी पूरी तरह बाहर निकाला जा सके।
दूसरी ओर, इलाके में दूषित पानी का खौफ इतना है कि यहां लोग पानी को छानकर और उबालकर पी रहे हैं। लगातार समझाइश भी दी जा रही है कि पीने का पानी उबालकर ही इस्तेमाल करें।
इलाके के लोग टैंकर के पानी पर निर्भर
भागीरथपुरा में इतनी मौतों के बाद लोगों ने बोरिंग का यूज बंद कर दिया है। रहवासी टैंकरों और आरओ के पानी पर निर्भर हैं। बुधवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 18 मरीज डायरिया की शिकायत लेकर पहुंचे थे। इनमें से 6 को रेफर किया है।
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