Latest News : मुंबई में मोनोरेल हादसा

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पहला डिब्बा पटरी से उतरा और हवा में उठ गया

मुंबई में एक चौंकाने वाला हादसा हुआ जब मोनोरेल का पहला डिब्बा पटरी से उतर गया और हवा में उठ गया। इस घटना के कारण अधिकारियों ने तुरंत जांच शुरू कर दी है।

मुंबई: महाराष्ट्र के मुंबई में मोनोरेल ट्रेन (Monorail train) के साथ टेस्टिंग के दौरान हादसा हो गया है। मोनोरेल पटरी से उतर गई और उसका आगे का कुछ हिस्सा हवा में उठ गया। गनीमत रही कि टेस्टिंग के दौरान कोई भी यात्री मोनोरेल में नहीं थी, इसकी वजह से बड़ा हादसा होते-होते बच गया। हादसा होने के बाद (MMRDA) और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा ले रहे हैं। फायर ब्रिगेड अधिकारी के मुताबिक, यह हादसा सुबह करीब 9 बजे हुए. दुर्घटना के वक्त मोनोरेल में मौजूद रहे 2 क्रू मेंबर्स को बचाया गया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, जब यह घटना घटी तब ट्रेन सिग्नलिंग टेस्टिंग से गुजर रही थी. इस दौरान मोनोरेल को नुकसान हुआ

मोनोरेल कैसे हुई हादसे का शिकार?

ट्रेन पटरी से उतरकर स्ट्रक्चर से टकराने के बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गई। गनीमत रही कि उसमें कोई यात्री सवार नहीं था। इस हादसे में मोटरमैन घायल हो गया. हालांकि, समय रहते बचावकर्मी मौके पर पहुंचे और उसे बचा लिया गया। इस घटना में ट्रेन का अलाइनमेंट क्षतिग्रस्त हो गया।

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हवा में उठ गया मोनोरेल का हिस्सा

इस घटना का जो वीडियो सामने आया है उसमें साफ दिख रहा है कि मोनोरेल स्ट्रक्चर के ऊपर रुक गई है। पटरी से उतरने की वजह से वह आगे नहीं बढ़ पा रही है। मोनोरेल का आगे का थोड़ा हिस्सा हवा में उठा हुआ है. हालांकि, घटना के वक्त मोनोरेल की टेस्टिंग हो रही थी और इस वजह से उसमें कोई यात्री नहीं था।

मोनोरेल में बार-बार क्यों आ रही खराबी?

गौरतलब है कि मुंबई में मोनोरेल का संचालन और रखरखाव MMRDA की सहायक कंपनी, महा मुंबई मेट्रो ऑपरेशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड करती है। मुंबई की एकमात्र मोनोरेल इस साल मानसून के दौरान बार-बार व्यवधान आने और तकनीकी खराबी की वजह से 20 सितंबर से ही सेवा से बाहर है. मोनोरेल दोबारा यात्रियों के लिए चल सके, इसीलिए टेस्ट लिया जा रहा था और तभी आज फिर ये हादसा हो गया।

मुंबई में मोनोरेल की क्षमता कितनी है?

मुंबई एकमात्र ऐसा शहर है जहाँ मोनोरेल प्रणाली संचालित होती है और यह 65 किलोमीटर प्रति घंटे की औसत गति से चलती है। प्रत्येक कोच में 18 यात्री बैठ सकते हैं और 124 यात्री खड़े हो सकते हैं । प्रत्येक मोनोरेल कोच में 18 यात्री बैठ सकते हैं और 124 यात्री खड़े हो सकते हैं।

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Surekha Bhosle

लेखक परिचय

Surekha Bhosle

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