नई दिल्ली,। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) टूल्स का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। (ChatGPT) और (Google Gemini) जैसे प्लेटफॉर्म दुनियाभर में लोकप्रिय हो चुके हैं। हालांकि इनकी बढ़ती लोकप्रियता के साथ साइबर ठगी के नए तरीके भी सामने आ रहे हैं। हाल ही में एक नया ऑनलाइन स्कैम फैल रहा है, जिसमें लोगों को फ्री चैटजीपीटी और गूगल जेमिनी गिफ्ट कार्ड या मुफ्त एआई सब्सक्रिप्शन का लालच देकर ठगा जा रहा है। साइबर अपराधी सोशल मीडिया, ईमेल, व्हाट्सऐप मैसेज और फर्जी वेबसाइट्स (Fake Websites) के जरिए लोगों को अपने जाल में फंसा रहे हैं।
फर्जी वेबसाइट बनाकर चुराई जा रही निजी जानकारी
विशेषज्ञों के मुताबिक यह स्कैम बेहद चालाकी से तैयार किया गया है, जिससे आम यूजर्स के लिए असली और नकली वेबसाइट में अंतर कर पाना मुश्किल होता है। कई लोग मुफ्त ऑफर के लालच में अपनी निजी जानकारी साझा कर देते हैं और बाद में आर्थिक नुकसान या डेटा चोरी जैसी समस्याओं का सामना करते हैं।
फ्री गिफ्ट कार्ड के नाम पर भेजे जा रहे लिंक
यह ठगी आमतौर पर फ्री गिफ्ट कार्ड या मुफ्त प्रीमियम एआई एक्सेस के ऑफर से शुरू होती है। यूजर्स को एक लिंक भेजा जाता है, जिसमें दावा किया जाता है कि उन्हें चैटजीपीटी या गूगल जेमिनी का फ्री एक्सेस मिलेगा। जैसे ही कोई व्यक्ति उस लिंक पर क्लिक करता है, उसे एक ऐसी वेबसाइट पर भेज दिया जाता है, जो दिखने में बिल्कुल असली प्लेटफॉर्म जैसी लगती है। वहां यूजर से मोबाइल नंबर, ईमेल, लॉगिन डिटेल, बैंक जानकारी और यहां तक कि ओटीपी भी मांगा जाता है। जैसे ही यूजर जानकारी दर्ज करता है, स्कैमर्स उसका गलत इस्तेमाल शुरू कर देते हैं।
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साइबर विशेषज्ञों ने दी सतर्क रहने की सलाह
विशेषज्ञों ने लोगों को सावधान रहने की सलाह दी है। उनका कहना है कि अगर कोई ऑफर जरूरत से ज्यादा आकर्षक लगे, जैसे फ्री प्रीमियम सब्सक्रिप्शन या गिफ्ट कार्ड, तो उस पर तुरंत भरोसा नहीं करें। किसी भी वेबसाइट का यूआरएल ध्यान से जांचना जरूरी है, क्योंकि फर्जी साइट्स में अक्सर स्पेलिंग गलत होती है या डोमेन संदिग्ध दिखाई देता है। इसके अलावा अगर कोई वेबसाइट आपसे जरूरत से ज्यादा निजी जानकारी, पासवर्ड या ओटीपी मांग रही है, तो यह खतरे का संकेत है। साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी सत्यता जांचना और आधिकारिक वेबसाइट या ऐप का ही इस्तेमाल करना सबसे सुरक्षित तरीका है।
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