Maharashtra : महाराष्ट्र के अंबाजोगाई में रिश्तों, सामाजिक मर्यादाओं और नैतिक सीमाओं को तोड़कर साथ आए सौतेली मां और बेटे के कथित अनैतिक संबंधों का बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाला अंत सामने आया है। बदनामी के डर से बेटे ने जहरीला पदार्थ पी लिया, जबकि प्रेमी की मौत का सदमा सहन न होने पर सौतेली मां ने अस्पताल परिसर में ही पेड़ से फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। इस सनसनीखेज घटना से केज और अंबाजोगाई क्षेत्र में भारी खलबली मच गई है।
Maharashtra : कैसे हुआ सौतेली मां और बेटे में प्यार?
सामने आई जानकारी के मुताबिक, केज तालुका के सोनी जवला (Sony Jawla) गांव निवासी साहेबराव पवार (उम्र 40 वर्ष) का पहली पत्नी से तलाक हो चुका था। इसके बाद चार वर्ष पहले उन्होंने अनीता नामक महिला से दूसरी शादी की थी। इसी दौरान साहेबराव की पहली पत्नी से हुए बेटे अनिल साहेबराव पवार (उम्र 21 वर्ष) और उसकी सौतेली मां अनीता के बीच प्रेम संबंध बन गए। मामला इतना बढ़ गया कि कुछ दिन पहले दोनों घर छोड़कर तेलंगाना भाग गए थे। पत्नी और बेटे दोनों के लापता होने के बाद साहेबराव पवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने तकनीकी जांच और मोबाइल लोकेशन के आधार पर दोनों को तेलंगाना से हिरासत में लिया था।
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युवक ने जहर खाया, महिला ने फांसी लगाई
Maharashtra : अपने संबंधों के उजागर होने और बदनामी के डर से प्रेमी अनिल ने जहरीला पदार्थ पी लिया। हालत बिगड़ने पर उसे अंबाजोगाई के स्वामी रामानंद तीर्थ ग्रामीण वैद्यकीय महाविद्यालय में भर्ती कराया गया। चार दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। अपने प्रेमी, जो रिश्ते में उसका सौतेला बेटा था, अनिल की मौत की खबर सुनते ही अनीता को गहरा सदमा लगा। यह दुख सहन न होने पर उसने स्वामी रामानंद तीर्थ वैद्यकीय महाविद्यालय परिसर के पीछे स्थित एक सरकारी शिरीष के पेड़ से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
पुलिस मौके पर पहुंची
पेड़ से लटका शव मिलने के बाद स्वामी रामानंद तीर्थ ग्रामीण वैद्यकीय महाविद्यालय के डॉक्टर धपाटे तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही अंबाजोगाई शहर पुलिस थाना के पुलिस निरीक्षक शरद जोगदंड के निर्देश पर पुलिस उपनिरीक्षक कांदे और मंगेश भोले पुलिस दल के साथ मौके पर पहुंचे और पंचनामा किया। इस दौरान ड्यूटी पर मौजूद डॉ. निलेश पुरी और डॉ. नितीन साखरे भी घटनास्थल पर पहुंचे। डॉ. निलेश पुरी ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए अनीता को मृत घोषित कर दिया।
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