कोलकाता। पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस (Nipah Virus) के मामलों की पुष्टि के बाद स्वास्थ्य विभाग और केंद्रीय एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई हैं। संभावित संक्रमण स्रोतों की पहचान के लिए अब वन्यजीवों की भी जांच शुरू कर दी गई है। इसी कड़ी में कोलकाता के अलीपुर प्राणि उद्यान में चमगादड़ों के नमूनों की वैज्ञानिक जांच की जा रही है।
अलीपुर जू में चमगादड़ों के सैंपलिंग की शुरुआत
राष्ट्रीय चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (NIMR) की विशेषज्ञ टीम ने कोलकाता के अलीपुर चिड़ियाघर परिसर में मौजूद चमगादड़ों से रक्त और स्वैब के नमूने एकत्र किए हैं। इन नमूनों की आरटी-पीसीआर जांच शुरू कर दी गई है, ताकि निपाह वायरस की मौजूदगी का पता लगाया जा सके।
वन विभाग की अनुमति से हुई सैंपलिंग
अलीपुर चिड़ियाघर में चमगादड़ों की पर्याप्त संख्या पाई जाती है। स्वास्थ्य विभाग के अनुरोध पर वन विभाग से विशेष अनुमति लेकर यह सैंपलिंग कराई गई। वन्यजीव मुख्य संरक्षक एवं मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक संदीप सुंदरीयाल ने बताया कि चमगादड़ों को पकड़ने की प्रक्रिया पूरी तरह नियमों के तहत की गई और सभी जैव-सुरक्षा मानकों का पालन किया गया।
आईसीएमआर और एनआईवी की निगरानी में जांच
चमगादड़ों के नमूनों की जांच भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) और राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान (एनआईवी) के सहयोग से की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, जांच रिपोर्ट आने में कुछ दिन लग सकते हैं।
नदिया जिले में भी होगी सैंपलिंग
स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि शनिवार को विशेषज्ञों की एक टीम नदिया जिले में भी चमगादड़ों के नमूने एकत्र करेगी, ताकि संक्रमण के संभावित स्रोतों की व्यापक स्तर पर जांच की जा सके।
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दो नर्सों में निपाह संक्रमण की पुष्टि
गौरतलब है कि हाल ही में पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस संक्रमण के दो मामले सामने आए हैं। दोनों संक्रमित नर्स हैं और उनका इलाज एक निजी अस्पताल में चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं।
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