नई दिल्ली। देश में रसोई गैस की किल्लत और बढ़ती कीमतों को लेकर शुक्रवार को संसद में सियासी माहौल गरमा गया। संसद परिसर से लेकर लोकसभा (Loksabha) तक विपक्षी दलों ने जोरदार विरोध दर्ज कराया। प्रश्नकाल शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी शुरू कर दी, जिससे सदन की कार्यवाही बाधित हो गई और अंततः कार्यवाही को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा।
प्रश्नकाल के दौरान हुआ हंगामा
प्रश्नकाल शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने एलपीजी संकट (LPG Crisis) और निलंबित सांसदों की बहाली का मुद्दा उठाया। कई सांसद अपनी सीटों से खड़े होकर नारेबाजी करने लगे और गैस संकट पर तत्काल चर्चा की मांग करने लगे। इस दौरान विपक्ष ने सदन से निलंबित किए गए आठ सांसदों को बहाल करने की भी मांग उठाई। लगातार शोर-शराबे के कारण सदन का माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया।
स्पीकर की अपील, फिर भी नहीं थमा विरोध
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला (Om Birla) ने हंगामा कर रहे सांसदों से सदन की गरिमा बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद की कार्यवाही के दौरान मेजों पर चढ़कर या व्यवधान पैदा कर विरोध करना नियमों के खिलाफ है और ऐसी स्थिति में कार्रवाई होना स्वाभाविक है। हालांकि स्पीकर की अपील के बावजूद हंगामा जारी रहा, जिसके चलते उन्हें सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।
निलंबित सांसदों की बहाली की मांग
इस दौरान विपक्ष के कई नेताओं ने निलंबित सांसदों की वापसी की मांग दोहराई। विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी समेत कई सांसदों ने कहा कि सांसदों का निलंबन लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है और सरकार विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है।
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संसद परिसर में भी हुआ प्रदर्शन
संसद की कार्यवाही से पहले विपक्षी दलों के सांसदों ने संसद परिसर में भी प्रदर्शन किया। सांसद हाथों में प्लेकार्ड लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते नजर आए। विपक्ष का आरोप है कि देश में रसोई गैस की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी और आपूर्ति संकट से आम लोगों की परेशानी बढ़ रही है, लेकिन सरकार इस मुद्दे पर स्पष्ट जवाब देने से बच रही है। विपक्ष ने मांग की है कि सरकार इस मुद्दे पर संसद में विस्तृत चर्चा कराए और लोगों को राहत देने के लिए ठोस कदम उठाए।
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