PM Modi cabinet : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में गुरुवार को होने वाली केंद्रीय कैबिनेट की बैठक ने देश के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। ऊपर से सामान्य दिखने वाली यह समीक्षा बैठक वास्तव में मोदी सरकार के बड़े कैबिनेट फेरबदल का आधार बनने जा रही है। मंत्रियों के कामकाज, उनके आचरण और बेदाग छवि को पैमाना बनाकर कई मंत्रियों की छुट्टी किए जाने की संभावना है, जिसके चलते माना जा रहा है कि 25 से अधिक मंत्रियों के लिए यह आखिरी बैठक हो सकती है।
अंतरराष्ट्रीय चुनौतियां और स्पेशल प्रेजेंटेशन
इस साल पहली बार मोदी सरकार के सभी 72 सदस्य—जिन्हें 30 कैबिनेट मंत्री, 36 राज्य मंत्री और 5 स्वतंत्र प्रभार मंत्री शामिल हैं—एक साथ बैठेंगे। बैठक में पिछले दो वर्षों के कामकाज की समीक्षा के साथ-साथ पश्चिम एशिया के तनाव से भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले असर और महंगाई को नियंत्रित करने पर रणनीतिक चर्चा होगी। एक दर्जन से अधिक विभागों के सचिव इस दौरान प्रेजेंटेशन देंगे। हाल ही में पश्चिम बंगाल, ओडिशा और पुदुच्चेरी के राजनीतिक घटनाक्रमों का असर भी इस नए मंत्रिमंडल विस्तार में देखने को मिल सकता है।
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क्या जाएगी तेलंगाना के मंत्रियों की कुर्सी?
इस कैबिनेट फेरबदल के बीच तेलंगाना के दो केंद्रीय मंत्रियों पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं। हाल ही में केंद्रीय मंत्री (PM Modi cabinet) बंदी भगीरथ पर पोक्सो (POCSO) एक्ट के तहत मामला दर्ज होने और उनके रिमांड पर जाने से विवाद खड़ा हो गया है। वहीं, बंदी संजय पर पीड़ित परिवार को डराने-धमकाने के आरोपों के बाद उन्हें पद से हटाने की मांग तेज हो गई है। इस बड़े फेरबदल में बंदी संजय और कोयला व खान मंत्री जी. किशन रेड्డి की कुर्सी बचेगी या जाएगी, इसे लेकर भारी सस्पेंस बना हुआ है।
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