Latest News : रायपुर में पुलिस को बड़ी सफलता, दो नक्सली गिरफ्तार

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शहर से चल रहा था नक्सली नेटवर्क

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर (Raipur) में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक महिला समेत दो नक्सलियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी शहर के भीतर से हुई, जहाँ से दोनों संदिग्ध अपना नक्सली नेटवर्क संचालित कर रहे थे

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के चंगोराभाठा इलाके में पकड़े गए (Naxalite couple) नक्सली दंपत्ति मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। नक्सली दंपत्ति के पास से ऑटोमैटिक रिवॉल्वर जब्त हुई है। विश्वस्त सूत्रों के हवाले से ये जानकारी सामने आई है। हालांकि, अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

IA ने दोनों को किया गिरफ्तार

ये दोनों नक्सली शहर में अपना नेटवर्क संचालित कर रहे थे। दोनों मूल रूप से बीजापुर के गंगालूर इलाके के रहने वाले हैं। जग्गू उर्फ रमेश कुरसम (28) और कमला कुरसम (27) को स्टेट इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (SIA) ने गिरफ्तार किया है।

SIA ने 3 दिन की पुलिस रिमांड पर लिया है

महिला नक्सली कमला कुरसम को पुलिस ने न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। पुरुष नक्सली जग्गू उर्फ रमेश कुरसम पुलिस रिमांड पर है। SIA ने 3 दिन की पुलिस रिमांड पर लिया है। एसआईए की टीम पूछताछ कर रही है। डीडी नगर थाने में UNPA अधिनियम के तहत दोनों पर FIR दर्ज की गई है। 

रायपुर पुलिस पर खड़े हुए सवाल

रायपुर में महिला समेत 2 नक्सली पकड़े जाने के बाद बड़ा खुलासा हुआ है। रायपुर पुलिस पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। जंगल से भागकर रायपुर में नाम बदलकर किराए के मकान लेकर नक्सली रह रहे थे।

स्थानीय पुलिस को गिरफ्तारी की नहीं थी जानकारी

किरायेदारों की जानकारी पुलिस थाने में देने वाले आदेश की पोल खुल गई है। डीडी नगर इलाके में जग्गू और कमला नामक नक्सलियों की गिरफ्तारी से अब पुलिस पर ही कई सवाल उठ रहे हैं। थाना पुलिस समेत आलाधिकारियों को नक्सलियों की गिरफ्तारी की जानकारी नहीं थी। SIA ने नक्सलियों को गिरफ्तार किया है।

नक्सलियों की मांग क्या है?

नक्सलियों का मानना ​​है कि कृषि श्रमिकों और भूस्वामियों के बीच वर्ग संघर्ष है और भारतीय संविधान में आदिवासी श्रमिकों के लिए सुरक्षा का अभाव है। यह विचारधारा आदिवासियों के बीच लोकप्रिय रही है।

भारत में कितने नक्सलवाद हैं?

गौरतलब हो, 2014 में 330 पुलिस थाने ऐसे थे जहां नक्सली घटनाएं हुईं, लेकिन अब ये संख्या घटकर 104 रह गई है। पहले नक्सल प्रभावित क्षेत्र 18,000 वर्ग किलोमीटर से ज्यादा में फैला था, जो अब सिर्फ 4,200 वर्ग किलोमीटर में फैला है।

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Surekha Bhosle

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Surekha Bhosle

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