Odisha : दफ्तर के अंदर पान और गुटखा खाने पर सख्त प्रतिबंध

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पान और गुटखा
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कार्यालयों में स्वच्छता और अनुशासन बनाए रखने के लिए प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। अब दफ्तर परिसर के अंदर पान, गुटखा और तंबाकू उत्पादों का सेवन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

दफ्तरों में अगर आप पान या गुटखा (Paan or Gutkha) खाने की सोच रहे हैं तो आप अब अलर्ट हो जाइए। राजस्व और तहसील कार्यालयों के अंदर पान और गुटखा खाना आपकी जेब का खर्चा बढ़ा सकता है। ओडिशा सरकार ने दफ्तर के अंदर किसी भी नशीले पदार्थ का सेवन करने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई का आदेश दिया है।

ओडिशा सरकार ने मंगलवार (Odisha Government) को राजस्व और तहसील कार्यालयों के लिए कड़े दिशा निर्देश जारी करते हुए सभी कर्मचारियों और अधिकारियों को सावधान रहने को कहा है। नए आदेश के अनुसार अब किसी भी सरकारी कार्यालय परिसर के अंदर पान, गुटखा, सिगरेट या किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थ का सेवन करना सख्त मना होगा। ऐसा करते पाए जाने पर संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी

सरकारी चिट्ठी के मुताबिक, यह निर्देश राज्य मुख्यालय, सभी जिला कार्यालयों और तहसील कार्यालयों में काम कर रहे अधिकारियों व कर्मचारियों पर समान रूप से लागू होगा। यानी नियमों में किसी तरह की ढील नहीं दी जाएगी।

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अनुशासन लागू करने पर जोर

यह सख्त कदम डॉ. अरविंद पाढ़ी ने राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव के रूप में कार्यभार संभालते ही तुरंत उठाया है। पदभार ग्रहण करने के तुरंत बाद उन्होंने विभाग में अनुशासन लागू करने के साथ-साथ राजस्व प्रशासन को मजबूत और जनता केंद्रित बनाने पर जोर दिया है।

  1. नए दिशा-निर्देशों में यह भी कहा गया है कि हर शुक्रवार को सभी अधिकारी और कर्मचारी हैंडलूम वस्त्र पहनेंगे, ताकि स्थानीय परंपराओं और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा मिल सके। इसका उद्देश्य सिर्फ पहनावे तक सीमित नहीं है, बल्कि सरकारी दफ्तरों को संस्कृति और समाज से जोड़ना भी है।
  2. अतिरिक्त मुख्य सचिव ने अधिकारियों को ईमानदारी, निष्ठा और आम जनता के प्रति संवेदनशीलता के साथ काम करने का स्पष्ट संदेश दिया है। उन्होंने निर्देश दिया है कि जनता से जुड़े मामलों में त्वरित और उचित कार्रवाई की जाए, ताकि लोगों का सरकारी व्यवस्था पर भरोसा और मजबूत हो।
  3. इसके अलावा विभाग ने भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाई है। साफ शब्दों में चेतावनी दी गई है कि न सिर्फ भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों पर, बल्कि भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने या समर्थन करने वालों पर भी सख्त कार्रवाई होगी।

जानकारी के अनुसार, अतिरिक्त मुख्य सचिव ने विभाग के सभी वरिष्ठ और कनिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए 10 सूत्रों में दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इस संबंध में एक सर्कुलर भी जारी किया गया है, जिसमें सभी से सहयोग की अपील की गई है। सरकार का मानना है कि इन कदमों से सरकारी दफ्तरों में अनुशासन बढ़ेगा, कामकाज में पारदर्शिता आएगी और आम लोगों को बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी।

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Surekha Bhosle

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Surekha Bhosle

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