KC Venugopal Kerala CM : कांग्रेस आलाकमान के सबसे भरोसेमंद और राष्ट्रीय राजनीति में किंग मेकर की भूमिका निभाने वाले एआईसीसी महासचिव केसी वेणुगोपाल के राजनीतिक सफर में एक नया मोड़ आया है। देश भर में कांग्रेस के मुख्यमंत्रियों के नाम तय करने वाले वेणुगोपाल अपने गृह राज्य केरल में मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुँचने से चूक गए हैं। राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के बाद पार्टी के सबसे शक्तिशाली नेताओं में शुमार होने के बावजूद, केरल में उनके मुख्यमंत्री बनने की उम्मीदों पर विराम लग गया है।
किंग मेकर की भूमिका और केरल का समीकरण
कर्नाटक में सिद्धारमैया और तेलंगाना में रेवंत रेड्डी को मुख्यमंत्री बनवाने में वेणुगोपाल की अहम भूमिका रही है। 4 मई को केरल चुनाव परिणामों में कांग्रेस गठबंधन को 102 सीटें मिलने के बाद यह लगभग तय माना जा रहा था कि वेणुगोपाल ही मुख्यमंत्री होंगे। हालांकि, पिछले पांच वर्षों से विपक्ष के नेता के रूप में संघर्ष करने वाले वीडी सतीशन को विधायकों और सहयोगियों का भारी समर्थन मिला, जिसके कारण आलाकमान ने उन्हीं के नाम पर मुहर लगाई।
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राष्ट्रीय राजनीति की मजबूरी या रणनीति?
केसी वेणुगोपाल वर्तमान में लोकसभा सांसद हैं और एआईसीसी में संगठन का काम देख रहे हैं। कांग्रेस आलाकमान (KC Venugopal Kerala CM) का मानना है कि उन्हें एक राज्य तक सीमित करने से राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी का समन्वय प्रभावित हो सकता है। वेणुगोपाल, जो तीन बार विधायक और तीन बार सांसद रह चुके हैं, को दिल्ली की राजनीति में सक्रिय रखना पार्टी की मजबूरी बन गई है। दूसरों को मुख्यमंत्री बनाने वाले वेणुगोपाल का खुद मुख्यमंत्री न बन पाना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
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