21 अगस्त 2025 को, INDIA गठबंधन के संयुक्त उम्मीदवार और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज बी. सुदर्शन रेड्डी ने उपराष्ट्रपति पद (Vice President Election) सुदर्शन रेड्डी (Sudarshan Reddy) ने उपराष्ट्रपति पद के लिए दाखिल किया नामांकन के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। यह नामांकन नई दिल्ली में संसद भवन के समविधान सदन (पुराना संसद भवन) में किया गया। इस दौरान विपक्ष ने एकजुटता का प्रदर्शन करते हुए कई प्रमुख नेताओं की उपस्थिति दर्ज की।
नामांकन के मौके पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, एनसीपी (शरद पवार) प्रमुख शरद पवार, डीएमके सांसद कनिमोझी करुणानिधि, कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल, टीएमसी सांसद डेरेक ओ’ब्रायन, और अन्य विपक्षी नेता मौजूद रहे। आम आदमी पार्टी (AAP), जो अब INDIA गठबंधन का हिस्सा नहीं है, ने भी रेड्डी के नामांकन का समर्थन किया।

नामांकन प्रक्रिया:
बी. सुदर्शन रेड्डी ने 21 अगस्त को नामांकन दाखिल किया, जो उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए अंतिम तिथि थी। उनके सामने NDA के उम्मीदवार सी.पी. राधाकृष्णन हैं, जिन्होंने भी उसी दिन नामांकन भरा। उपराष्ट्रपति चुनाव 9 सितंबर 2025 को होगा, और उसी दिन परिणाम की घोषणा संभावित है।
यह चुनाव पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के 21 जुलाई 2025 को स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफे के बाद हो रहा है। धनखड़ ने अपने कार्यकाल के दो साल पूरे होने के बाद पद छोड़ा था।
सुदर्शन रेड्डी का प्रोफाइल:
79 वर्षीय बी. सुदर्शन रेड्डी का जन्म 8 जुलाई 1946 को आंध्र प्रदेश के रंगा रेड्डी जिले में हुआ था। वे सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज और गोवा के पहले लोकायुक्त रहे हैं। उन्होंने तेलंगाना में हालिया सामाजिक-आर्थिक जाति सर्वेक्षण के लिए कांग्रेस सरकार की विशेषज्ञ समिति का नेतृत्व किया था। रेड्डी को एक प्रगतिशील और निष्पक्ष न्यायविद माना जाता है, जिसके चलते विपक्ष ने उन्हें संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए उपयुक्त उम्मीदवार माना।
विपक्ष की रणनीति:
INDIA गठबंधन ने इस चुनाव को एक वैचारिक लड़ाई के रूप में पेश किया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि रेड्डी का चयन संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए किया गया है। विपक्ष ने रेड्डी को एक गैर-राजनीतिक, संवैधानिक विशेषज्ञ के रूप में पेश किया, जो NDA के उम्मीदवार सी.पी. राधाकृष्णन, जिनका RSS पृष्ठभूमि से संबंध है, के खिलाफ एक मजबूत जवाब माना जा रहा है।
विपक्ष की एकजुटता:
नामांकन के दौरान विपक्षी दलों ने एकजुटता दिखाई। टीएमसी सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने कहा कि सभी विपक्षी दल, जिसमें AAP भी शामिल है, रेड्डी के नाम पर सहमत हैं। राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा, “बी. सुदर्शन रेड्डी एक प्रतिष्ठित न्यायविद हैं, जो संविधान की भावना और लोगों के अधिकारों की रक्षा करते हैं।”
– चुनावी गणित: उपराष्ट्रपति का चुनाव लोकसभा और राज्यसभा के सांसदों (निर्वाचित और मनोनीत) से मिलकर बने इलेक्टोरल कॉलेज के जरिए होता है। वर्तमान में इस कॉलेज में 782 सांसद हैं (6 रिक्तियां छोड़कर)। जीत के लिए उम्मीदवार को 392 वोट चाहिए। NDA के पास संख्याबल में बढ़त है, लेकिन विपक्ष रेड्डी के गैर-राजनीतिक और संवैधानिक छवि के दम पर क्रॉस-वोटिंग की उम्मीद कर रहा है।
– NDA की रणनीति: NDA ने सी.पी. राधाकृष्णन को उम्मीदवार बनाकर दक्षिण भारत, खासकर द्रविड़ पार्टियों को कशमकश में डालने की कोशिश की थी। हालांकि, विपक्ष ने रेड्डी को चुनकर इस रणनीति को चुनौती दी है। राधाकृष्णन के नामांकन में पीएम नरेंद्र मोदी, NDA शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, और लगभग 160 सांसद शामिल थे।
– रेड्डी ने नामांकन से पहले सांसदों से मुलाकात में कहा, “मैं थोड़ा नर्वस, उत्साहित और रोमांचित हूं।” उन्होंने समाजवादी नेता राम मनोहर लोहिया की पंक्ति का जिक्र करते हुए कहा, “जब सड़क खामोश होती है, तो संसद आवारा हो जाती है।”
– विपक्ष ने रेड्डी के चयन को रणनीतिक बताया, क्योंकि उनकी गैर-राजनीतिक छवि से गठबंधन को दक्षिण भारत में समर्थन मिलने की उम्मीद है। यह कदम तेलंगाना के सीएम के. चंद्रशेखर राव, आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू और YSRCP नेता जगन मोहन रेड्डी जैसे नेताओं को धर्मसंकट में डाल सकता है।
– भारत के उपराष्ट्रपति चुनाव में मतदान गुप्त होता है, और प्रत्येक सांसद का वोट समान मूल्य (एक वोट) का होता है। इससे विपक्ष को उम्मीद है कि कुछ NDA सांसद रेड्डी के पक्ष में वोट कर सकते हैं।
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