HAL ने कहा- ‘क्रैश नहीं, मामूली तकनीकी खराबी’
नई दिल्ली: सोमवार को हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने उन खबरों का खंडन किया है जिनमें स्वदेशी फाइटर जेट तेजस(Tejas) के क्रैश होने का दावा किया जा रहा था। HAL के अनुसार, रविवार देर रात लैंडिंग के दौरान विमान में एक मामूली तकनीकी गड़बड़ी आई थी, जिसे अब ठीक किया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, यह घटना 7 फरवरी की है जब एक ट्रेनिंग उड़ान के बाद लौटते समय विमान का ब्रेक सिस्टम सही ढंग से काम नहीं कर पाया और वह रनवे से थोड़ा आगे निकल गया। हालांकि, पायलट पूरी तरह सुरक्षित है और विमान को कोई बड़ा नुकसान नहीं पहुंचा है।
सुरक्षा रिकॉर्ड और एहतियाती कदम
HAL ने दावा किया है कि ‘LCA तेजस’ का सेफ्टी रिकॉर्ड दुनिया के सबसे आधुनिक फाइटर जेट्स में से एक है। इस तकनीकी खामी की गहराई से जांच करने के लिए एयरफोर्स और HAL की टीम मिलकर काम कर रही है। एहतियात के तौर पर, सेना ने फिलहाल सभी 30 तेजस(Tejas) विमानों को ग्राउंड (उड़ान रोकने) कर दिया है ताकि उनके ब्रेक और हाइड्रोलिक सिस्टम की पूरी तरह जांच की जा सके। यह कदम भविष्य में किसी भी बड़े जोखिम को टालने के लिए उठाया गया है, क्योंकि तेजस भारतीय वायुसेना की ताकत का अहम हिस्सा है।
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तेजस के साथ हुए पिछले हादसे
तेजस के इतिहास में अब तक दो बड़े हादसे दर्ज किए गए हैं। पहला हादसा 12 मार्च 2024 को जैसलमेर में हुआ था, जहां इंजन फेल होने के कारण विमान क्रैश हो गया था। वहीं, दूसरा दुखद हादसा 21 नवंबर 2025 को दुबई एयर शो के दौरान हुआ, जिसमें विंग कमांडर नमांश स्याल की जान चली गई थी। इन घटनाओं के बावजूद, विशेषज्ञों का मानना है कि तेजस एक भरोसेमंद प्लेटफॉर्म है और वर्तमान ‘ब्रेक फेल’ की घटना को एक परिचालन (operational) सुधार के अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए।
क्या हालिया घटना में तेजस विमान क्रैश हुआ है?
नहीं, HAL के आधिकारिक बयान के अनुसार विमान क्रैश नहीं हुआ है। लैंडिंग के दौरान ब्रेक में आई तकनीकी खराबी के कारण विमान रनवे से आगे निकल गया था, जिसे ‘क्रैश’ की श्रेणी में नहीं रखा जाता।
हादसे के बाद वायुसेना ने क्या कदम उठाया है?
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भारतीय वायुसेना ने अपने सभी 30 तेजस विमानों की उड़ानों पर फिलहाल रोक लगा दी है (ग्राउंडेड) ताकि उनकी तकनीकी जांच पूरी की जा सके।
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