मेनिन्जाइटिस के कारण कोमा में
स्पोर्ट्स डेस्क: ऑस्ट्रेलिया के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज और दो बार के विश्व कप विजेता डेमियन मार्टिन(Damien Martyn) की हालत गंभीर बनी हुई है। 54 वर्षीय मार्टिन को ‘मेनिन्जाइटिस’ (मस्तिष्क झिल्ली में सूजन) की शिकायत के बाद ब्रिस्बेन(Brisbane) के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बॉक्सिंग डे (26 दिसंबर) के दिन उनकी तबीयत अचानक बिगड़ी, जिसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें ‘इंड्यूस्ड कोमा’ में रखने का फैसला किया। उनके करीबी दोस्त और पूर्व विकेटकीपर एडम गिलक्रिस्ट ने इस खबर की पुष्टि करते हुए बताया कि विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम चौबीसों घंटे उनकी निगरानी कर रही है।
ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट के ‘गोल्डन एरा’ के नायक
डेमियन मार्टिन उस अजेय ऑस्ट्रेलियाई टीम(Damien Martyn) का अहम हिस्सा थे, जिसने 1999 और 2003 के वनडे विश्व कप में जीत हासिल की थी। उन्होंने अपने करियर में 67 टेस्ट मैचों में 4,406 रन और 208 वनडे मैचों में 5,346 रन बनाए। अपनी तकनीक और क्लासिक बल्लेबाजी(Classic Batting) के लिए मशहूर मार्टिन ने 2006 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया था, लेकिन वे कमेंट्री और अन्य माध्यमों से खेल के साथ जुड़े रहे। उनके बीमार होने की खबर से क्रिकेट जगत में शोक की लहर है और दुनिया भर से उनके जल्द ठीक होने की दुआएं की जा रही हैं।
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भारत के खिलाफ 2003 वर्ल्ड कप की वो यादगार पारी
भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों के लिए डेमियन मार्टिन(Damien Martyn) का नाम 2003 विश्व कप फाइनल की उस ऐतिहासिक पारी से जुड़ा है। जोहान्सबर्ग में खेले गए उस फाइनल मैच में मार्टिन ने 84 गेंदों पर नाबाद 88 रन बनाए थे। उन्होंने कप्तान रिकी पोंटिंग के साथ मिलकर 234 रनों की विशाल साझेदारी की थी, जिसकी बदौलत ऑस्ट्रेलिया ने 359 रनों का पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा किया और अंततः खिताब जीता। इसके अलावा, वे 2006 की चैंपियंस ट्रॉफी में भी अपनी टीम के सबसे सफल बल्लेबाज रहे थे।
डेमियन मार्टिन को किस बीमारी के कारण कोमा में रखा गया है?
डेमियन मार्टिन मेनिन्जाइटिस (Meningitis) से पीड़ित हैं। यह एक ऐसी बीमारी है जिसमें मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी के आसपास की सुरक्षात्मक झिल्ली (मेनिन्जेस) में सूजन आ जाती है। इसी कारण उन्हें अस्पताल में इंड्यूस्ड कोमा में रखा गया है।
उनका वनडे विश्व कप में क्या योगदान रहा है?
मार्टिन 1999 और 2003 में विश्व कप जीतने वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम(Damien Martyn) के सदस्य थे। 2003 के फाइनल में भारत के खिलाफ उनकी नाबाद 88 रनों की पारी उनके करियर की सबसे यादगार पारियों में से एक मानी जाती है, जिसने ऑस्ट्रेलिया को चैंपियन बनाने में बड़ी भूमिका निभाई थी।
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