Kranti Gaud : भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार तेज गेंदबाज़ क्रांति गौड़ ने अपनी शानदार खेल प्रतिभा से न सिर्फ देश का नाम रोशन किया, बल्कि अपने परिवार को भी न्याय दिलाया। मध्य प्रदेश सरकार ने 13 साल पहले नौकरी से हटाए गए उनके पिता मुन्ना सिंह गौड़ को दोबारा पुलिस सेवा में शामिल करने का बड़ा फैसला लिया है।
छतरपुर जिले के निवासी मुन्ना सिंह (Kranti Gaud) गौड़ वर्ष 2012 में चुनाव ड्यूटी में लापरवाही के आरोप में पुलिस कांस्टेबल पद से बर्खास्त कर दिए गए थे। इसके बाद परिवार को गंभीर आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। क्रांति के भाई मजदूरी और बस कंडक्टर की नौकरी कर परिवार चलाते रहे, जबकि क्रांति ने संघर्षों के बावजूद क्रिकेट में अपना सपना नहीं छोड़ा।
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हाल ही में संपन्न महिला वनडे विश्व कप में भारत की जीत में क्रांति गौड़ की अहम भूमिका रही। उन्होंने आठ मैचों में नौ विकेट लेकर टीम को मजबूती दी। सम्मान समारोह के दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव से अपने पिता को दोबारा नौकरी देने की अपील की और उन्हें सम्मानपूर्वक सेवानिवृत्ति का अवसर देने की इच्छा जताई।
मुख्यमंत्री ने उनके अनुरोध को स्वीकार करते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद पुलिस मुख्यालय ने मुन्ना सिंह गौड़ की पुनर्नियुक्ति के आदेश जारी किए। साथ ही राज्य सरकार ने क्रांति गौड़ को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए एक करोड़ रुपये की नकद पुरस्कार राशि भी प्रदान की। यह निर्णय खिलाड़ियों के प्रति सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है।
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