CCTV कंट्रोल रूम में तोड़फोड़
स्पोर्ट्स डेस्क: बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में IPL 2026 के एक महत्वपूर्ण मैच के दौरान सुरक्षा में गंभीर सेंध(Security Lapse) का मामला सामने आया है। 24 अप्रैल को RCB और गुजरात टाइटंस के बीच हुए मुकाबले के दौरान स्टेडियम के 240 से अधिक CCTV कैमरे अचानक बंद हो गए। जांच में पता चला कि यह कोई तकनीकी खराबी नहीं, बल्कि सोची-समझी साजिश थी, जिसके तहत स्टेडियम के नेटवर्क वीडियो रिकॉर्डर और फाइबर ऑप्टिक लिंक को जानबूझकर क्षतिग्रस्त(Damaged) किया गया था।
आरोपियों की गिरफ्तारी और घटना का खुलासा
बेंगलुरु पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दो लोगों, 37 वर्षीय मंजूनाथ और 19 वर्षीय अब्दुल कलाम को गिरफ्तार किया है। ये दोनों आरोपी स्टेडियम की निगरानी सेवाओं का कार्य संभालने वाली एक सब-वेंडर कंपनी के कर्मचारी थे। CCTV फुटेज से साफ हुआ है कि दोनों ने अनधिकृत रूप से कंट्रोल रूम में प्रवेश किया और उपकरणों को नुकसान पहुँचाया। पुलिस ने उनके खिलाफ सुरक्षा व्यवस्था बाधित करने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाने का मामला दर्ज कर लिया है।
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भुगतान विवाद बना तोड़फोड़ का कारण
पुलिस की शुरुआती जांच में इस चौंकाने वाली घटना के पीछे का कारण बकाया वेतन भुगतान का विवाद बताया जा रहा है। आरोपियों का कहना है कि कंपनी द्वारा करीब 10 लाख रुपए का भुगतान न मिलने के कारण वे काफी समय से नाराज थे। अपनी नाराजगी जाहिर करने के लिए उन्होंने स्टेडियम की सुरक्षा प्रणाली को निशाना बनाया। फिलहाल पुलिस इस पहलू की गहन जांच कर रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इस कृत्य के पीछे कोई अन्य मंशा तो नहीं थी।
एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में सुरक्षा में सेंध किस तरह लगाई गई थी?
दो आरोपियों ने अनधिकृत रूप से स्टेडियम के CCTV कंट्रोल रूम में प्रवेश किया और वहां मौजूद नेटवर्क वीडियो रिकॉर्डर सिस्टम तथा फाइबर ऑप्टिक लिंक को जानबूझकर नुकसान पहुँचाया, जिससे 240 से अधिक कैमरे ऑफलाइन हो गए।
आरोपियों ने सुरक्षा प्रणाली को नुकसान पहुँचाने जैसा गंभीर कदम क्यों उठाया?
शुरुआती जांच के अनुसार, आरोपी एक सब-वेंडर कंपनी के कर्मचारी थे और लगभग 10 लाख रुपए का बकाया भुगतान न मिलने के कारण नाराज थे। इसी गुस्से में उन्होंने यह कदम उठाया।
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